Last updated: February 6th, 2026 at 04:46 pm

6 फरवरी 2026 को क्रिकेट के मैदान पर बिहार के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने सभी का दिल जीत लिया। वैभव ने अंडर‑19 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच में अपनी अद्भुत पारी से सबको चौंका दिया। उनकी यह पारी न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण थी, बल्कि बिहार और पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण भी साबित हुई।
वैभव सूर्यवंशी, जो बिहार के समस्तीपुर जिले से हैं, ने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रन बनाए। इस पारी में उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए। यह प्रदर्शन किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस पारी के दौरान उन्होंने 55 गेंदों में शतक पूरा किया, जो कि यू19 विश्व कप के फाइनल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है।
इस विस्फोटक पारी की वजह से भारत ने मैच में 411 रन का विशाल स्कोर बनाया। इसके बाद इंग्लैंड की टीम को 311 रन पर आउट कर भारत ने फाइनल में 100 रन से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारत ने अपना छठा अंडर‑19 वर्ल्ड कप खिताब भी अपने नाम किया।
वैभव की इस पारी की तारीफ न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर के क्रिकेट विशेषज्ञों और खिलाड़ियों ने की। उनके खेल को भविष्य के क्रिकेट का बड़ा संकेत माना जा रहा है। इस प्रदर्शन से यह साबित हुआ कि बिहार में भी युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा किसी से कम नहीं है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैभव सूर्यवंशी के इस अद्भुत प्रदर्शन की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि पाना असाधारण बात है। उन्होंने वैभव को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी और उम्मीद जताई कि वह आगे भी इसी तरह प्रदर्शन करते रहेंगे और भारत का नाम दुनिया में ऊँचा करेंगे।
वैभव की इस पारी के बाद समस्तीपुर और पूरे बिहार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके गाँव और आस‑पास के इलाकों में लोग जश्न मना रहे हैं। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने भी कहा कि वैभव की पारी ने युवा क्रिकेटरों को प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि वैभव ने साबित किया है कि मेहनत, आत्मविश्वास और सही तैयारी के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
भविष्य में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा नाम बन सकते हैं। उनके खेल में वह क्षमता है कि वह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य खिलाड़ी बनकर बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।वैभव की यह शतकीय पारी सिर्फ एक स्कोर नहीं थी। यह कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और बिहार की क्रिकेटिंग प्रतिभा की पहचान थी। उनके खेल ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस कराया है।
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