Last updated: December 27th, 2025 at 05:08 pm

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है, जिसका नाम अटल स्मृति सम्मेलन रखा गया है। यह सम्मेलन दिल्ली की सभी विधानसभा क्षेत्रों में किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, उनके राजनीतिक जीवन और देश के लिए किए गए कार्यों को जनता तक पहुंचाना है। भाजपा का मानना है कि अटल जी का जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
भाजपा नेताओं के अनुसार, अटल स्मृति सम्मेलन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि यह विचारों और मूल्यों को साझा करने का मंच बनेगा। सम्मेलन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी के भाषणों, कविताओं और उनके फैसलों पर चर्चा की जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता लोगों को बताएंगे कि किस तरह अटल जी ने लोकतंत्र, सहमति की राजनीति और राष्ट्रीय हित को हमेशा प्राथमिकता दी।
इस सम्मेलन में अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों को भी याद किया जाएगा। इसमें सड़क और बुनियादी ढांचे का विकास, पोखरण परमाणु परीक्षण, पड़ोसी देशों के साथ संवाद की पहल और सुशासन पर जोर जैसे विषय शामिल होंगे। भाजपा का कहना है कि अटल जी की नीतियों ने भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान दिलाई।
दिल्ली भाजपा ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में सम्मेलन के आयोजन से आम लोगों को सीधे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम होने से युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी। सम्मेलन में अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़े किस्से, उनके सरल स्वभाव और राजनीतिक शुचिता पर भी प्रकाश डाला जाएगा, ताकि लोग उनके व्यक्तित्व को करीब से समझ सकें।
भाजपा नेताओं का कहना है कि आज के समय में राजनीति में वैचारिक मजबूती और नैतिकता की जरूरत है, और अटल बिहारी वाजपेयी इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं। उन्होंने हमेशा विरोधियों का सम्मान किया और संसद में स्वस्थ बहस की परंपरा को बढ़ावा दिया। सम्मेलन के जरिए भाजपा इन मूल्यों को फिर से जन-जन तक पहुंचाना चाहती है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं को भी संगठनात्मक रूप से सक्रिय करने की योजना है। सम्मेलन में पार्टी की विचारधारा और राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही, अटल जी के सपनों का भारत कैसा था और आज उन्हें कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है, इस पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
कुल मिलाकर, अटल स्मृति सम्मेलन दिल्ली में भाजपा का एक महत्वपूर्ण वैचारिक अभियान माना जा रहा है। इससे न केवल अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी जाएगी, बल्कि उनके विचारों को वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रयास भी होगा। भाजपा को उम्मीद है कि यह सम्मेलन लोगों को राजनीति के सकारात्मक और आदर्श स्वरूप से जोड़ने में मदद करेगा।
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