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विपक्ष के ‘वोट चोरी’ नैरेटिव का जवाब देने की तैयारी, अमित शाह समेत बड़े नेताओं की बैठक आज

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज एक
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विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) आज एक अहम बैठक करने जा रही है। प्रस्तावित बैठक शाम 4 बजे दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में होगी। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारी भी हिस्सा लेंगे।

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    बैठक का मुख्य एजेंडा SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की रणनीति तैयार करना बताया जा रहा है। पार्टी की कोशिश टीवी चैनलों की बहस और सोशल मीडिया के जरिए अपने पक्ष को प्रभावी ढंग से रखने की होगी।

    अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना

    इस उच्चस्तरीय बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के भी शामिल होने की संभावना जताई गई है। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष और महासचिव सुनील बंसल कर सकते हैं। हालांकि, बैठक में शामिल होने वाले सभी नेताओं की आधिकारिक सूची की पुष्टि जरूरी है।

    बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। भाजपा इन आरोपों का जवाब देने के लिए अपनी राजनीतिक और संचार रणनीति पर चर्चा कर सकती है।

    सोशल मीडिया और टीवी बहस पर रहेगा फोकस

    बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों पर होने वाली राजनीतिक बहस को लेकर विशेष चर्चा की संभावना है। पार्टी के मीडिया और सोशल मीडिया सेल से जुड़े पदाधिकारियों के साथ यह तय करने पर विचार हो सकता है कि विपक्ष के आरोपों का जवाब किस तरह दिया जाए और SIR से जुड़े तथ्यों को जनता के सामने कैसे रखा जाए।

    विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच भाजपा अपने पक्ष को सामने रखने के लिए समन्वित रणनीति पर जोर दे सकती है।

    1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली

    दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन INDIA ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की योजना बनाई है। इस प्रदर्शन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जाने हैं।

    विपक्ष इस अभियान के जरिए कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को प्रमुखता से उठाना चाहता है। साथ ही, विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।

    कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियों में जुटे हैं। रैली को लेकर भाजपा की प्रस्तावित बैठक को भी इसी राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    रैली के लिए लोगों को जुटाने में जुटा कांग्रेस नेतृत्व

    कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित रैली को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के क्षेत्रीय नेताओं के साथ बैठकें की जा रही हैं। इन तैयारियों में प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल भी शामिल बताए गए हैं।

    कांग्रेस की ओर से रैली में बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने की योजना बनाई जा रही है। करीब 10 लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य बताए जाने का दावा किया गया है, हालांकि इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब भाजपा की बैठक में क्या रणनीति तय होती है और विपक्ष की रैली में किन मुद्दों को प्रमुखता दी जाती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।

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