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बेगूसराय BJP में बढ़ी तकरार! प्रदेश प्रवक्ता देवानंद कुशवाहा ने गिरिराज सिंह पर लगाए उपेक्षा के आरोप

बिहार के बेगूसराय में भारतीय जनता पार्टी के भीतर मतभेद एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। जिला
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बिहार के बेगूसराय में भारतीय जनता पार्टी के भीतर मतभेद एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और सड़क सुरक्षा समिति के नामित सदस्य देवानंद कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्री एवं बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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    देवानंद कुशवाहा का आरोप है कि 6 जुलाई को आयोजित दिशा समिति की बैठक के दौरान राष्ट्रगान और सम्मान समारोह के बाद जिला प्रशासन की ओर से उन्हें बैठक कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा गया। उनका कहना है कि यह निर्णय कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में लिया गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ।

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कुशवाहा ने कहा कि बेगूसराय में समर्पित भाजपा कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन और विकास कार्यों में कुछ चुनिंदा लोगों का प्रभाव बढ़ गया है, जबकि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की बातों को महत्व नहीं दिया जा रहा।

    उन्होंने सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों का जिक्र करते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा, सड़क निर्माण, जलजमाव, अतिक्रमण हटाने और सोलर लाइट जैसी जनहित की समस्याओं को कई बार उठाया गया, लेकिन इन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों का श्रेय भी दूसरे लोगों को दे दिया गया।

    देवानंद कुशवाहा ने यह भी कहा कि वे पिछड़े समाज से आते हैं और इसी कारण उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं की जरूरत पड़ती है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उनकी उपेक्षा की जाती है।

    भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि वे पार्टी और सरकार के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यदि कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जाती तो अपनी बात रखना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बेगूसराय किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है और हर कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का समान अधिकार है।

    उन्होंने संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कार्यकर्ताओं के बीच निष्पक्ष सर्वे कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। उनका कहना है कि वे वर्षों से भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं और सिद्धांतों से समझौता किए बिना अपनी बात आगे भी रखते रहेंगे।

    फिलहाल इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह या भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर पार्टी नेतृत्व की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।

     

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