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लखनऊ में बीजेपी-RSS बैठक, यूपी अध्यक्ष के नाम पर मंथन

बीजेपी-RSS बैठक में यूपी अध्यक्ष को लेकर मंथन, लखनऊ में अहम चर्चा लखनऊ में हाल ही में भारतीय जनता पार्टी
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बीजेपी-RSS बैठक में यूपी अध्यक्ष को लेकर मंथन, लखनऊ में अहम चर्चा

लखनऊ में हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य मुद्दा उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा करना था। पार्टी संगठन को मजबूत करने और आने वाले चुनावों की तैयारी के लिहाज से इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में बीजेपी और RSS के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। सभी नेताओं ने संगठन की मौजूदा स्थिति, जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से बात की। खासतौर पर इस बात पर जोर दिया गया कि प्रदेश अध्यक्ष ऐसा हो जो संगठन को एकजुट रख सके और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बना सके।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कई संभावित नामों पर चर्चा हुई। हालांकि किसी एक नाम पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया, लेकिन सभी नामों के सामाजिक संतुलन, संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक पकड़ को ध्यान में रखा गया। पार्टी चाहती है कि नया प्रदेश अध्यक्ष सभी वर्गों को साथ लेकर चल सके और सरकार व संगठन के बीच बेहतर समन्वय बना सके।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका सिर्फ संगठन चलाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान देना होगा। आने वाले समय में पंचायत, नगर निकाय और विधानसभा से जुड़े चुनावों को देखते हुए संगठन को अभी से सक्रिय करना जरूरी माना गया।

RSS की ओर से यह सुझाव भी दिया गया कि पार्टी नेतृत्व को कार्यकर्ताओं की आवाज पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को समझकर ही संगठन को मजबूत बनाया जा सकता है। इसी कारण प्रदेश अध्यक्ष का चयन सोच-समझकर करने की बात कही गई।

बैठक में सरकार के कामकाज और संगठन की भूमिका को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। नेताओं ने माना कि सरकार की योजनाओं और फैसलों की सही जानकारी जनता तक पहुँचाने में संगठन की अहम भूमिका होती है। इसलिए प्रदेश अध्यक्ष को ऐसा होना चाहिए जो सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से जनता के सामने रख सके।

पार्टी नेताओं का कहना है कि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। नाम की घोषणा से पहले केंद्रीय नेतृत्व सभी पहलुओं पर विचार कर रहा है, ताकि किसी तरह की नाराजगी या असंतुलन न पैदा हो।

कुल मिलाकर, लखनऊ में हुई बीजेपी-RSS की यह बैठक संगठनात्मक दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है। नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले समय की दिशा तय कर सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पार्टी नेतृत्व किस चेहरे पर भरोसा जताता है और कब आधिकारिक घोषणा की जाती है।

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