
केंद्रीय बजट 2026 27 में उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के केंद्र में दिखाई देता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में जिस तरह से राज्य के लिए बुनियादी ढांचे, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार से जुड़े बड़े ऐलान किए हैं, उसने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर और रफ्तार दोनों बदलने वाली हैं।
सबसे अहम घोषणा रही 1500 किलोमीटर लंबाई के हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की, जिसमें वाराणसी सिलीगुड़ी रेल कॉरिडोर और दिल्ली से वाराणसी के बीच हाईस्पीड रेल लाइन शामिल है। यह सिर्फ एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत को एक मजबूत आर्थिक धागे में पिरोने की योजना है।
उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक नई रेल क्रांति
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। जहां आज इन शहरों के बीच सफर में लंबा समय लगता है, वहीं हाईस्पीड रेल के जरिए दूरी और समय दोनों कम होंगे। वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी जैसे धार्मिक, शैक्षिक और व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच आसान होने से यात्रियों के साथ साथ कारोबार को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
विश्वस्तरीय स्टेशन और आधुनिक रेलवे ढांचा
रेलवे के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाए जाने से इस कॉरिडोर पर नई रेल लाइनें, ट्रैक डबलिंग और ट्रिपलिंग, पूर्ण विद्युतीकरण और आधुनिक सिग्नल सिस्टम विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जो न सिर्फ यात्रा को आरामदायक बनाएंगे बल्कि शहरों की पहचान भी बनेंगे। मल्टी मोडल लॉजिस्टिक पार्क और फ्रेट टर्मिनल माल ढुलाई को तेज और सस्ता करेंगे, जिससे उद्योगों को सीधा फायदा होगा।
काशी और सिलीगुड़ी को मिलेगा विशेष लाभ
वाराणसी के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही। पर्यटन, विरासत संरक्षण और ओडीओपी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ रेल कनेक्टिविटी काशी के व्यापार और रोजगार को नई ऊंचाई देगी। दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत का प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी इस कॉरिडोर से और सशक्त होगा। चाय उद्योग, सीमावर्ती व्यापार और पर्यटन को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं के लिए सुरक्षित भविष्य की पहल
बजट में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। दूरदराज से पढ़ाई या नौकरी के लिए आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास मिलने से उनकी भागीदारी शिक्षा और रोजगार में और बढ़ेगी।
निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति
उत्तर प्रदेश को कंटेनर निर्माण क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष बजट दिया गया है। साथ ही सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन के तहत नोएडा में आधुनिक सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जाएगा। इससे राज्य में बड़े निवेश के साथ साथ हाई टेक नौकरियों के नए अवसर पैदा होंगे।
तीर्थ और शहरों के विकास पर फोकस
5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों जैसे अयोध्या और गोरखपुर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ छोटे तीर्थ स्थलों के सौंदर्यीकरण पर भी बजट में ध्यान दिया गया है। इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
सियासी प्रतिक्रियाएं भी आईं सामने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को उम्मीदों से भरा बताते हुए इसे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बताया। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने बजट को केवल घोषणाओं का पुलिंदा कहकर निशाना साधा। दोनों बयानों के बीच इतना साफ है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को विकास की नई पटरी पर लाने की कोशिश जरूर करता है।
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