Last updated: January 1st, 2026 at 06:11 pm

पुणे: पुणे नगर निगम चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन राजनीति उस वक्त गरमा गई, जब शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की महिला नेता पद्मा शेल्के चुनाव कार्यालय के बाहर फूट-फूटकर रोती नजर आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बावजूद उनका आधिकारिक AB फॉर्म साजिश के तहत चोरी कर लिया गया।
पद्मा शेल्के का कहना है कि वे बीते कई महीनों से अपने वार्ड में लगातार काम कर रही थीं और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से उन्हें चुनाव लड़ने की हरी झंडी भी मिल चुकी थी। उनका दावा है कि फॉर्म पर उनका नाम दर्ज था, लेकिन वह उनके पास पहुंचने से पहले ही किसी और को दे दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन उम्मीदवारों ने जमीनी स्तर पर काम नहीं किया, उन्हें AB फॉर्म दे दिए गए, जबकि निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय हुआ। पद्मा शेल्के ने इसे लापरवाही नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश बताया।
शेल्के ने यह भी कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर वरिष्ठ नेताओं से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। नामांकन के अंतिम दिन कोई विकल्प न बचने पर उनका दर्द सार्वजनिक रूप से सामने आ गया।
अब पद्मा शेल्के ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। उनका कहना है कि वे अपने अधिकार के लिए चुप नहीं बैठेंगी और हर हाल में AB फॉर्म वापस लेंगी।
गौरतलब है कि शिंदे गुट में एक ही वार्ड के लिए एक से अधिक उम्मीदवारों को AB फॉर्म मिलने की खबरें पहले से सामने आ रही थीं। इस घटना ने न सिर्फ उम्मीदवारों में भ्रम की स्थिति पैदा की, बल्कि पार्टी के भीतर गुटबाजी और संगठनात्मक अव्यवस्था को भी उजागर कर दिया है।
अब सवाल यह है कि क्या पार्टी नेतृत्व इस मामले पर कार्रवाई करेगा या यह विवाद भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा। नामांकन के आखिरी दिन सामने आया यह घटनाक्रम पुणे की राजनीति में कई नए सवाल खड़े कर रहा है।
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