Last updated: September 8th, 2025 at 04:33 am

नोखा (रोहतास)।
नोखा प्रखंड प्रमुख अरविंद कुमार की गिरफ्तारी के बाद रविवार को क्षेत्र में माहौल गरम हो गया। देर रात हुई गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग नोखा थाना पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रमुख की रिहाई की मांग की।
जानकारी के मुताबिक, प्रखंड प्रमुख पर नोखा बीडीओ शेफाली कुमारी ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया था। इस संबंध में 4 सितंबर को नोखा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसी मामले में शनिवार की आधी रात करीब 12 बजे पुलिस ने प्रखंड प्रमुख को उनके आवास से गिरफ्तार किया और रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
गिरफ्तारी की खबर मिलते ही समर्थक और स्थानीय लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए। सुबह से ही दर्जनों की संख्या में लोग थाने के सामने जुटने लगे और देखते ही देखते वहां भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों का कहना था कि प्रखंड प्रमुख ने आवास, निवास और विभिन्न योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों में हो रही गड़बड़ियों का विरोध किया था। इसी वजह से उन्हें निशाना बनाकर झूठे मामले में फंसा दिया गया। ग्रामीणों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को इस तरह अपमानित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
थाना अध्यक्ष दिनेश मालाकार ने बताया कि बीडीओ की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी और उसी के आधार पर प्रखंड प्रमुख को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कानून सम्मत तरीके से आगे बढ़ेगी।
वहीं, आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि अगर किसी कारण से विवाद हुआ भी हो तो समाधान का रास्ता बातचीत से निकलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि ईमानदार और जुझारू छवि का है। उसे जेल भेजना जनता की भावनाओं का अपमान है।
थाने के सामने घंटों तक चली नारेबाजी के बाद पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। हालांकि ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि यदि प्रमुख को जल्द रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इधर, पूरे प्रखंड क्षेत्र में रविवार को दिनभर गिरफ्तारी की चर्चा होती रही और लोग प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे।
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