Last updated: July 15th, 2026 at 12:31 pm

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन का विस्तार करते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है।
यूपी में संगठन विस्तार पर जोर
उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद चिराग पासवान ने कहा कि लोजपा (रामविलास) का उद्देश्य विभिन्न राज्यों में अपने संगठन को मजबूत करना और समावेशी राजनीति को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुसूचित जाति समाज की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मायावती की सक्रियता पर उठाए सवाल
चिराग पासवान ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती का नाम लेते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक सक्रियता पहले जैसी नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में उनकी पार्टी दलित समाज के मुद्दों को और मजबूती से उठाने का प्रयास करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
403 सीटों पर तैयारी का दावा
चिराग पासवान ने बताया कि लोजपा (रामविलास) उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठनात्मक तैयारी कर रही है। हालांकि, चुनावी गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय पार्टी की केंद्रीय समिति करेगी।
इंडिया गठबंधन पर भी साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी का प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताते हुए कहा कि जनता के बीच उनकी नीतियों को उजागर किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार में चलाए गए ‘नव संकल्प सभा’ अभियान का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और अब इसी मॉडल पर अन्य राज्यों में भी संगठन को मजबूत किया जाएगा।
आरक्षण और राम मंदिर मुद्दे पर भी बोले
आरक्षण को लेकर उठ रही चर्चाओं पर चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण खत्म किए जाने जैसी अफवाहों से लोगों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय होने पर उनकी पार्टी उसके साथ खड़ी रहेगी।
वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर उन्होंने कहा कि यह आस्था से जुड़ा विषय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी से बचने की बात भी कही।
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