Last updated: April 7th, 2026 at 08:42 am

केंद्र में एनडीए के साथ, लेकिन उत्तर प्रदेश में अकेले दम पर चुनाव लड़ने का ऐलान
बिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के बाद अब चिराग पासवान उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है।
पार्टी के इस फैसले को राज्य में खासकर दलित और युवा मतदाताओं के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से प्रदेश की मौजूदा सियासी समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
पार्टी के पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने स्पष्ट किया कि केंद्र स्तर पर उनकी पार्टी का गठबंधन भारतीय जनता पार्टी के साथ बना रहेगा, लेकिन राज्य में वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी “यूपी फर्स्ट, यूपी वाले फर्स्ट” के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।
गौरतलब है कि चिराग पासवान वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी भी हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में उनका अलग चुनाव लड़ना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, चिराग पासवान की नजर खासतौर पर दलित वोट बैंक पर है, जो परंपरागत रूप से बहुजन समाज पार्टी के प्रभाव में रहा है। इसके अलावा चंद्रशेखर आजाद भी इस वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बिहार में हालिया चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद अब पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। चिराग पासवान का मानना है कि उत्तर प्रदेश में उनके पिता दिवंगत रामविलास पासवान का भी एक मजबूत जनाधार रहा है, जिसे फिर से सक्रिय करने की योजना बनाई जा रही है।
फिलहाल पार्टी संगठन को मजबूत करने और राज्यभर में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दे रही है। आने वाले समय में उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को लेकर और घोषणाएं की जा सकती हैं।
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