Last updated: October 10th, 2026 at 10:09 am

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। शनिवार सुबह दिल्ली पहुंची फ्लाइट से उतरने से पहले ही CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को पुलिस ने विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया। उनके साथ पार्टी के दो अन्य सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया कि हिरासत के समय अभिजीत दिपके इंस्टाग्राम पर लाइव थे। उनके द्वारा साझा किए गए वीडियो में पार्टी के सदस्य पुलिसकर्मियों से सवाल करते दिखाई दिए। उन्होंने पूछा कि यात्रियों को विमान से उतरने देने के बजाय पुलिसकर्मी अंदर क्यों आए। वीडियो में दिपके महिला पुलिसकर्मियों से यह कहते भी सुनाई दिए कि यात्रियों के बाहर निकलने का इंतजार किया जा सकता था।
अभिजीत दिपके मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उनका उद्देश्य जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था। CJP ने अपने बयान में तीनों सदस्यों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की और पुलिस की कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस कदम का मकसद उसके नेताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकना था। साथ ही, तीनों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की गई।
इससे पहले, प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP की लीगल सेल प्रमुख रत्ना सिंह को भी उनके घरों से हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने रात के दौरान राजधानी के अलग-अलग इलाकों से कई संदिग्ध प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने पहले प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। बताया गया कि आवेदन निर्धारित समय के भीतर जमा नहीं किया गया था। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि सुरक्षा कारणों से 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए और कई ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गईं। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के 20,000 से अधिक जवानों की तैनाती की खबर भी सामने आई। हिरासत और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
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