Last updated: July 27th, 2026 at 10:32 am

NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब उत्तर प्रदेश में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर अपना विरोध तेज कर दिया है। पार्टी ने रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा विश्वविद्यालय की अधिकांश इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश पर आपत्ति जताते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया है।
CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट जारी कर कहा कि देश में पहले से ही कई स्कूल बंद होने की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे समय में किसी विश्वविद्यालय को गिराने का फैसला शिक्षा के ढांचे को कमजोर करने वाला कदम साबित हो सकता है। पार्टी का कहना है कि सरकार को इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।
पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि ध्वस्तीकरण के आदेश को वापस लिया जाए और इस मामले का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के तहत निकाला जाए। CJP का मानना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों को संरक्षित रखना देश के भविष्य के लिए आवश्यक है।
गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बनी 40 में से 38 इमारतों को अवैध निर्माण बताते हुए उन्हें हटाने का आदेश जारी किया है। प्रशासन के अनुसार संस्थान को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने का अवसर दिया गया है, अन्यथा प्राधिकरण स्वयं ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी करेगा।
इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन अपने-अपने स्तर पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं CJP ने इसे शिक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग दोहराई है।
इससे पहले NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन किया था। आंदोलन के बाद पार्टी ने अब शिक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी सक्रियता बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
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