Last updated: September 1st, 2026 at 09:48 am

पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती से जुड़ा विवाद एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार, 1 सितंबर को CTET में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास का घेराव किया। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें भी BPSC TRE-4 भर्ती में आवेदन करने और चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
CTET अभ्यर्थियों ने उठाई समान अवसर की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि TRE-1.0 के दौरान CTET में अपीयरिंग उम्मीदवारों को मौका दिया गया था। वहीं, हाल में STET पास अभ्यर्थियों को भी TRE-4 में शामिल होने की अनुमति दी गई है। ऐसे में CTET 2026 में अपीयरिंग उम्मीदवारों को इससे अलग रखना उचित नहीं है।
अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर अपनी मांग रखते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में CTET उम्मीदवारों के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनकी मांग है कि STET अभ्यर्थियों के लिए अपनाई गई व्यवस्था को CTET में अपीयरिंग उम्मीदवारों पर भी लागू किया जाए।
‘STET को मौका तो CTET को क्यों नहीं?’
प्रदर्शन में शामिल एक अभ्यर्थी ने कहा कि STET उम्मीदवारों को TRE-4 में अवसर दिया गया है, लेकिन CTET 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को यह सुविधा नहीं दी जा रही। अभ्यर्थियों ने इसे असमान व्यवहार बताते हुए सरकार से नियमों में समानता लाने की अपील की है।
उनका कहना है कि यदि पहले शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में CTET अपीयरिंग अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर मिल चुका है, तो TRE-4 में भी इसी तरह की व्यवस्था की जानी चाहिए।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग
अभ्यर्थियों का प्रदर्शन सीधे तौर पर TRE-4 में पात्रता के नियमों से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को CTET 2026 के अपीयरिंग अभ्यर्थियों के लिए भी आवेदन का रास्ता खोलना चाहिए, ताकि वे शिक्षक भर्ती की आगामी प्रक्रिया में अपनी दावेदारी पेश कर सकें।
फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर शिक्षा विभाग और सरकार के अगले कदम पर है। अगर सरकार उनकी मांग पर कोई फैसला लेती है, तो इसका असर TRE-4 की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
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