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मां आसकामिनी मंदिर में दही-हांडी प्रतियोगिता, युवाओं में दिखा उत्साह

रोहतास (बिक्रमगंज):श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रोहतास जिले के बिक्रमगंज स्थित मां आसकामिनी मंदिर परिसर में सोमवार को भव्य दही-हांडी
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रोहतास (बिक्रमगंज):श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रोहतास जिले के बिक्रमगंज स्थित मां आसकामिनी मंदिर परिसर में सोमवार को भव्य दही-हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने इस आयोजन का भरपूर आनंद उठाया।

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    दही-हांडी प्रतियोगिता को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। दर्जनों टीमों ने इसमें भाग लिया। प्रतियोगिता शुरू होते ही माहौल जयकारों और तालियों की गूंज से गूंजायमान हो उठा। युवाओं ने भगवान कृष्ण की बाल-लीलाओं का स्मरण करते हुए मानव पिरामिड बनाना शुरू किया। जैसे-जैसे पिरामिड ऊँचाई पकड़ता गया, वैसे-वैसे दर्शकों में रोमांच बढ़ता गया। अंततः जब ऊपरी पायदान पर खड़े युवक ने मटका फोड़ दिया तो पूरा मंदिर प्रांगण “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के नारों से गूंज उठा।

    आयोजन में शामिल दर्शकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल पारंपरिक संस्कृति को जीवित रखते हैं बल्कि युवाओं में एकजुटता और टीम भावना को भी बढ़ावा देते हैं। प्रतियोगिता में शामिल बच्चों और महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक जयकारे लगाए और युवाओं को प्रोत्साहित किया।

    इस अवसर पर बलिया पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता रितेश राज, बलवंत सिंह, गया बाबा और एंकर आकाश बाबा विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाने वालों में रासबिहारी सिंह, हिमांशु सिंह राठौड़ और रवि भास्कर शामिल रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण अंचल में सामुदायिक भाईचारे और धार्मिक आस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।

    प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया था। स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन की भी निगरानी रही, ताकि किसी तरह की दुर्घटना या अव्यवस्था न हो।

    मंदिर परिसर में दही-हांडी फोड़ने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आसपास के गांवों से आए लोग भी इस आयोजन का हिस्सा बने। कार्यक्रम में शामिल बुजुर्गों ने कहा कि इस तरह के आयोजन से उन्हें अपने बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं। वहीं युवाओं ने बताया कि वे अगले वर्ष और बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी करेंगे।

    कुल मिलाकर मां आसकामिनी मंदिर परिसर में हुआ यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद सफल और यादगार रहा। भक्तों और दर्शकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से जन्माष्टमी पर्व का महत्व और बढ़ जाता है।

     

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