Last updated: December 17th, 2025 at 01:57 pm

दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होने के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए GRAP-4 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-4) लागू कर दिया है। यह योजना तब लागू की जाती है, जब प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है।
GRAP-4 लागू होने के बाद दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी कार्यालयों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को ऑफिस आने की बजाय घर से ही काम करना होगा। सरकार का मानना है कि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और प्रदूषण को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य लोगों की सेहत की रक्षा करना है। दिल्ली में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्य और औद्योगिक गतिविधियां मानी जाती हैं। वर्क-फ्रॉम-होम लागू होने से रोजाना ऑफिस जाने-आने वाले लाखों लोगों का ट्रैफिक कम होगा, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार ने साफ कहा है कि इस आदेश का पालन न करने वालों पर जुर्माना और कार्रवाई की जा सकती है। यदि कोई सरकारी या निजी संस्था बिना जरूरी कारण के कर्मचारियों को ऑफिस बुलाती है, तो उस पर नियमों के तहत कार्रवाई होगी। प्रशासन ने सभी विभागों और कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश का सख्ती से पालन करें।
इसके साथ ही GRAP-4 के तहत अन्य पाबंदियां भी लागू की गई हैं। जैसे कि निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल वाहनों के इस्तेमाल पर कड़ाई, और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। स्कूलों और कॉलेजों के लिए भी ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि बच्चों को प्रदूषित वातावरण से बचाया जा सके।
सरकार ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन या साझा साधनों को अपनाएं। साथ ही, मास्क पहनने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे सख्त कदम समय पर न उठाए जाएं, तो प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह फैसला हालात को देखते हुए जरूरी माना जा रहा है। वर्क-फ्रॉम-होम और GRAP-4 जैसे कदमों से भले ही थोड़ी असुविधा हो, लेकिन यह लोगों की सेहत और भविष्य के लिए जरूरी है। अगर सरकार, संस्थान और आम जनता मिलकर नियमों का पालन करें, तो उम्मीद है कि दिल्ली की हवा में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा।
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