Last updated: October 21st, 2026 at 09:58 am

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत की उम्मीद है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस की ओर से जारी नोटिस को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर हाई कोर्ट बुधवार, 21 अक्टूबर को तत्काल सुनवाई के लिए सहमत हो गया है।
नेहा बोरा ने अदालत में याचिका दाखिल कर विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की ओर से जारी नोटिस को रद्द करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने 17 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत नेहा बोरा को नोटिस जारी किया था। इसमें उन्हें 19 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर यह बताने को कहा गया था कि शांति बनाए रखने के लिए उनसे 10,000 रुपये का व्यक्तिगत बॉन्ड और एक जमानतदार की मांग क्यों न की जाए।
नेहा बोरा ने इस नोटिस के खिलाफ सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और तत्काल सुनवाई की अपील की थी। हालांकि, दशहरा अवकाश के कारण उस समय उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब अदालत ने बुधवार को इस मामले पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है।
गौरतलब है कि नेहा बोरा निर्वाचन आयोग की SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं। BNSS की धारा 126 के तहत, यदि किसी व्यक्ति से शांति भंग होने की आशंका के संबंध में विश्वसनीय जानकारी मिलती है, तो सक्षम मजिस्ट्रेट उससे निर्धारित अवधि तक शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरने की मांग कर सकता है। अब इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई पर नजर रहेगी।
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