Last updated: December 30th, 2025 at 02:28 pm

दिल्ली सरकार ने हाल ही में Delhi Jan Vishwas (Amendment) Bill को मंजूरी दी है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को सरल बनाना और छोटे-मोटे मामलों में लोगों को आपराधिक कार्रवाई से राहत देना है। सरकार का कहना है कि इस कानून से आम नागरिकों और कारोबारियों को अनावश्यक कानूनी परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
आज के समय में कई ऐसे कानून और नियम हैं, जिनमें छोटी-छोटी गलतियों पर भी आपराधिक मामला दर्ज हो जाता है। जैसे किसी फॉर्म में मामूली गलती, तय समय पर कागज जमा न होना या नियमों की तकनीकी चूक। ऐसे मामलों में जुर्माने या सुधार के बजाय सीधा केस दर्ज होने से आम लोग और छोटे व्यापारी परेशान होते हैं। जन विश्वास बिल का मकसद इन्हीं समस्याओं को दूर करना है।
इस बिल के तहत कई छोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर प्रशासनिक या आर्थिक दंड में बदला जाएगा। यानी अब जेल या केस की जगह जुर्माना, चेतावनी या सुधार का मौका दिया जाएगा। इससे लोगों में कानून के प्रति डर कम होगा और वे बिना दबाव के अपने काम कर सकेंगे। सरकार मानती है कि इससे जनता और प्रशासन के बीच भरोसा बढ़ेगा, इसलिए इस बिल का नाम “जन विश्वास” रखा गया है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि अदालतों में लाखों केस लंबित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है, जो गंभीर अपराध नहीं हैं। इन मामलों के चलते न्याय व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और गंभीर मामलों की सुनवाई में देरी होती है। जन विश्वास बिल लागू होने से ऐसे छोटे मामलों की संख्या कम होगी और अदालतें गंभीर अपराधों पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगी।
व्यापार और उद्योग जगत के लिए भी यह बिल राहत देने वाला माना जा रहा है। छोटे दुकानदार, स्टार्टअप और उद्यमी अक्सर नियमों की जटिलता के कारण कानूनी पचड़े में फंस जाते हैं। इस कानून से उन्हें आसानी से काम करने का माहौल मिलेगा और “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बढ़ावा मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसर भी बनेंगे।
हालांकि, विपक्ष ने इस बिल पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि नियमों को बहुत ज्यादा ढीला करने से लापरवाही बढ़ सकती है और अधिकारियों की जवाबदेही कम हो सकती है। वहीं सरकार का तर्क है कि बिल में संतुलन रखा गया है और गंभीर अपराधों पर कोई ढील नहीं दी गई है।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का जन विश्वास बिल प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को राहत देना, न्याय व्यवस्था को मजबूत करना और शासन को अधिक सरल व भरोसेमंद बनाना है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि यह बिल जमीन पर कितना प्रभावी साबित होता है और आम जनता को इससे कितनी वास्तविक राहत मिलती है।
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