Last updated: December 25th, 2025 at 08:26 am

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली मेट्रो के Phase-V (पांचवें चरण) को मंजूरी दे दी है। यह फैसला दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत राहत भरा माना जा रहा है। इस नए चरण के तहत 3 नए मेट्रो कॉरिडोर बनाए जाएंगे और 13 नए स्टेशन जोड़े जाएंगे। इसके पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क 400 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल हो जाएगी।
दिल्ली मेट्रो पहले से ही राजधानी की लाइफलाइन मानी जाती है। रोजाना लाखों लोग ऑफिस, कॉलेज, स्कूल और अन्य कामों के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं। Phase-V का उद्देश्य उन इलाकों तक मेट्रो सेवा पहुंचाना है, जहां अभी तक कनेक्टिविटी कमजोर है या पूरी तरह नहीं है। इससे लोगों को बसों, ऑटो और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
इस विस्तार का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रा का समय कम होगा। जो लोग रोज लंबी दूरी तय करते हैं, उन्हें अब कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होगी, क्योंकि ज्यादा लोग मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी।
पर्यावरण के लिहाज से भी यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण है। मेट्रो एक पर्यावरण-अनुकूल परिवहन साधन है, जिससे प्रदूषण कम होता है। दिल्ली पहले ही वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। Phase-V के आने से कार और बाइक के उपयोग में कमी आएगी, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।
नए मेट्रो कॉरिडोर बनने से कई इलाकों में विकास को बढ़ावा मिलेगा। जहां मेट्रो स्टेशन बनते हैं, वहां आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, दुकानें, ऑफिस और आवासीय परियोजनाएं तेजी से विकसित होती हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलते हैं। रियल एस्टेट सेक्टर को भी इसका फायदा होगा।
सरकार का कहना है कि Phase-V को आधुनिक तकनीक के साथ बनाया जाएगा। इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। स्टेशन डिजाइन, ट्रेनों की गुणवत्ता और डिजिटल सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा ताकि सफर आरामदायक और सुरक्षित हो।
कुल मिलाकर, दिल्ली मेट्रो Phase-V की मंजूरी राजधानी के भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है। इससे न सिर्फ दिल्ली बल्कि आसपास के एनसीआर क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी और दिल्ली एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-हितैषी शहर की ओर एक कदम और आगे बढ़ेगी।
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