Last updated: January 5th, 2026 at 03:56 pm

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के मौसम के साथ घना कोहरा लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। हर साल ठंड के मौसम में कोहरा पड़ता है, लेकिन इस बार कोहरे की तीव्रता ज्यादा देखी जा रही है। सुबह के समय कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सड़क पर चलना और वाहन चलाना काफी जोखिम भरा हो जाता है। मौसम विभाग के अनुसार ठंडी हवा, कम तापमान और वातावरण में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण कोहरा और ज्यादा घना हो रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर सुबह जल्दी बाहर निकलने वाले लोगों पर पड़ता है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल जाने वाले बच्चे, स्कूल बसें और लंबी दूरी के ट्रक चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर वाहन चालकों को कुछ मीटर आगे तक भी साफ दिखाई नहीं देता। ऐसे में सड़क हादसों की संभावना काफी बढ़ जाती है। हाईवे और मुख्य सड़कों पर कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है, जिससे यातायात जाम की स्थिति भी बन रही है।
ठंड के साथ तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दिन के समय अगर धूप निकलती है तो लोगों को थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस होती है। ठंडी हवाओं के कारण सर्दी का असर और बढ़ जाता है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा परेशानी वाला हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन और ट्रैफिक विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। वाहन चालकों को फॉग लाइट का इस्तेमाल करने, धीमी गति से वाहन चलाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। सुबह के समय अनावश्यक यात्रा से बचने को भी कहा गया है। यदि यात्रा जरूरी हो, तो पूरी तैयारी के साथ घर से निकलने की सलाह दी जा रही है। साथ ही हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। तापमान में ज्यादा सुधार की संभावना फिलहाल कम है। ऐसे में लोगों को खुद की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। गर्म कपड़े पहनना, सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचना और बच्चों व बुजुर्गों का खास ख्याल रखना जरूरी है। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी चेतावनी जारी की जा सकती है।
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