Last updated: November 2nd, 2026 at 01:24 pm

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में रामकथा के दौरान भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए की गई उनकी टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। श्रीकृष्ण की मुद्रा, बांसुरी और वृंदावन धाम को लेकर दिए गए बयान का वीडियो सामने आने के बाद मथुरा के संतों और कृष्ण भक्तों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
राम और कृष्ण की तुलना करते हुए क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?
रामकथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीरों में उनका शरीर तीन जगह से मुड़ा हुआ दिखाई देता है। उन्होंने पैर, कमर और गर्दन की मुद्रा का जिक्र करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते समय इसी तरह खड़े रहते हैं।
वहीं, भगवान राम का उल्लेख करते हुए उन्होंने उन्हें सीधा बताया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान राम का नाम, स्वरूप और चलने का अंदाज सीधा है, जबकि श्रीकृष्ण के नाम, रूप और धाम को उन्होंने टेढ़ा बताया। इस दौरान उन्होंने अयोध्या और वृंदावन की तुलना भी इसी संदर्भ में की।
बांसुरी और धनुष का उदाहरण देकर भी की टिप्पणी
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी और भगवान राम के धनुष का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांसुरी बजाना कोई बड़ी बात नहीं है, जबकि धनुष चलाना अलग कौशल है। उन्होंने श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने की बात पर भी टिप्पणी की और इसके जवाब में हनुमान जी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके आराध्य के भक्त ने पूरा पर्वत उठा लिया था।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- श्रीकृष्ण के विरोधी नहीं हैं
कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनकी बातों का अर्थ भगवान श्रीकृष्ण का विरोध करना नहीं है। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद कृष्ण भक्तों और संतों की ओर से आपत्ति जताई जाने लगी। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि भगवान राम और श्रीकृष्ण दोनों ही श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। ऐसे में दोनों की तुलना इस तरह करना उचित नहीं है।
मथुरा के संतों ने मांगी सार्वजनिक माफी
इस विवाद पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद प्रकरण के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भगवान राम ब्रह्म हैं और भगवान श्रीकृष्ण योगेश्वर हैं। दोनों ही संपूर्ण विश्व के पालनहार हैं और सभी के कल्याण की कामना करते हैं।
दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण ब्रजवासियों के लाडले हैं और उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि धीरेंद्र शास्त्री को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना है कि ब्रजवासी इस तरह की टिप्पणी को स्वीकार नहीं करेंगे।
फिलहाल, इस पूरे विवाद पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि संतों की नाराजगी के बाद वह इस मामले पर क्या सफाई देते हैं।
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