Last updated: June 4th, 2026 at 06:33 am

Bihar Politics: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और पूर्व कार्यकाल की स्थिति को लेकर इशारों में तीखी टिप्पणी की है, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई है। मीडिया से बातचीत के दौरान उनके बयान को लेकर इसे पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के कार्यकाल से जोड़कर देखा जा रहा है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने विभाग की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें एक बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में विभाग की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर नियंत्रण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पहले मंत्री और विभाग दोनों का ईमानदार होना जरूरी है, तभी नीचे तक सुधार संभव है।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे तेज बुखार को एकदम से उतारने पर मरीज को नुकसान हो सकता है, वैसे ही व्यवस्था में सुधार भी धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से किया जाना चाहिए। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में पूर्व कार्यकाल की कार्यशैली पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार लंबे समय से सिस्टम में जड़ें जमाए हुए है और इसे समाप्त करने के लिए निरंतर और योजनाबद्ध प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता विभागीय व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा करना है।
दिलीप जायसवाल ने बताया कि विभाग में हजारों लंबित आवेदन और प्रशासनिक जटिलताएं थीं, जिनके समाधान के लिए काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सुधार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का समाधान किसी एक कदम से नहीं, बल्कि लगातार सुधार और सख्त निगरानी से ही संभव है। उन्होंने इसे एक चिकित्सकीय प्रक्रिया से जोड़ते हुए कहा कि वे इसे नियंत्रित करने के लिए “इलाज” की तरह काम कर रहे हैं।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और विपक्षी खेमे की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
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