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लेट्स इंस्पायर बिहार कार्यक्रम में डॉ. आलोक कुमार तिवारी ने रखा ग्रामीण चिकित्सकों का पक्ष

Patna: राजधानी पटना के एक भव्य सभागार में आयोजित लेट्स इंस्पायर बिहार कार्यक्रम में आर्श हेल्थ इंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन
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Patna: राजधानी पटना के एक भव्य सभागार में आयोजित लेट्स इंस्पायर बिहार कार्यक्रम में आर्श हेल्थ इंडिया फाउंडेशन के चेयरमैन सह अध्यक्ष एवं ग्रामीण चिकित्सक मंच के प्रदेश वरिष्ठ अध्यक्ष सह संरक्षक डॉ. आलोक कुमार तिवारी ने ग्रामीण चिकित्सकों की आवाज बुलंद की। इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के सलाहकार एवं लेट्स इंस्पायर के संयोजक माननीय आईजी विकास वैभव तथा राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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    डॉ. आलोक तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे बीमारी का इलाज डॉक्टर करते हैं, पढ़ाई स्कूल में होती है और ट्रेन पटरी पर चलती है, ठीक उसी प्रकार जब अपनी बात सही जगह और सही तरीके से रखी जाती है तभी उसका असर होता है और समाधान निकलता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल छोटे-छोटे मीटिंग, नेतागिरी या सदस्यता अभियान चलाने से ग्रामीण चिकित्सकों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। अगर वास्तव में ग्रामीण चिकित्सकों का भला करना है, तो हमें सरकार और सरकार से जुड़े जिम्मेदार लोगों से सीधे संवाद करना होगा, ताकि सही निर्णय और नतीजा सामने आए।

    उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से वे बिहार सरकार के सलाहकार माननीय विकास वैभव से मिले हैं। विकास वैभव मुख्यमंत्री के दाहिने हाथ माने जाते हैं और सरकार उनके सुझावों को गंभीरता से लेती है। साथ ही उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के सहयोग से यह उम्मीद और भी मजबूत हो गई है कि ग्रामीण चिकित्सकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को अब उचित मंच और मार्ग मिलेगा।

    डॉ. तिवारी ने आगे कहा कि आने वाले 5 सितंबर को विकास वैभव सासाराम आ रहे हैं। पूरे बिहार में 4 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें से कम से कम 1 लाख ग्रामीण चिकित्सकों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि यदि हम सब सही दिशा और सही नेतृत्व में काम करें, तो निश्चित रूप से ग्रामीण चिकित्सकों की जॉइनिंग और संवर्धन का मार्ग प्रशस्त होगा।

    उन्होंने यह भी दोहराया कि आज आवश्यकता है एकजुट होकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की। अलग-अलग मंच बनाकर, छोटे स्तर पर विरोध या बैठक करने से कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आएगा। केवल सही रणनीति, सरकार के प्रति विश्वास और निरंतर संवाद ही ग्रामीण चिकित्सकों की स्थिति को मजबूत कर सकता है।

    कार्यक्रम में शामिल अन्य वक्ताओं ने भी ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने माना कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा आधार ग्रामीण चिकित्सक ही हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी गांव-गांव जाकर लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हैं। ऐसे चिकित्सकों का संवर्धन और उन्हें सम्मानजनक स्थान दिलाना समय की मांग है।

    लेट्स इंस्पायर बिहार कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि अगर सही नेतृत्व और सही दिशा मिले, तो समाज के सबसे निचले स्तर पर काम करने वाले लोग भी मुख्यधारा में आ सकते हैं। डॉ. आलोक तिवारी का यह स्पष्ट और साहसिक वक्तव्य ग्रामीण चिकित्सकों की उम्मीदों में नई ऊर्जा भर गया है।

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