Last updated: August 13th, 2026 at 03:30 pm

गढ़वा: जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को रमना क्षेत्र के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मेनू, खाद्य सामग्री की वैधता, रसोईघर की साफ-सफाई और बच्चों के लिए उपलब्ध पेयजल व्यवस्था की जांच की गई। कुछ स्कूलों में व्यवस्थाओं में कमी मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों को सुधार के निर्देश दिए गए।
रमना के स्कूल में एक्सपायर्ड मसाला मिला
उत्क्रमित मध्य विद्यालय, रमना की जांच के दौरान बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिए जाने की बात सामने आई। रसोईघर की स्वच्छता व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।
जांच टीम को सब्जी बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा ‘मॉडर्न’ कंपनी का एक्सपायर्ड सब्जी मसाला मिला, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया। संयोजिका रेनू देवी को चेतावनी देते हुए निर्देश दिया गया कि भोजन बनाने में किसी भी खाद्य सामग्री के इस्तेमाल से पहले उसकी गुणवत्ता और वैधता की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
विद्यालय में पेयजल के लिए टंकी के पानी की व्यवस्था मिलने पर स्कूल प्रबंधन को भी आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए।
कस्तूरबा विद्यालय में व्यवस्था मिली बेहतर
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, रमना में निरीक्षण के दौरान स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई। यहां रसोईघर में साफ-सफाई संतोषजनक थी और छात्राओं को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन दिया जा रहा था।
भोजन में इस्तेमाल होने वाले तेल और मसाले भी मानकों के अनुरूप पाए गए। छात्राओं के लिए पेयजल की व्यवस्था में फिल्टर और आरओ की सुविधा उपलब्ध मिली।
पीएम श्री स्कूल में मात्रा और मेनू को लेकर मिली कमी
पीएम श्री राजकीय मध्य विद्यालय, सिलिदाग-1 में भी जांच की गई। यहां रसोईघर की व्यवस्था में कमी पाई गई और बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन नहीं दिए जाने की जानकारी मिली।
जांच के दौरान बच्चों को तय मात्रा से कम भोजन मिलने की बात भी सामने आई। इसके बाद संयोजिका और विद्यालय प्रभारी को कड़ी हिदायत दी गई। अधिकारियों ने निर्धारित मात्रा और गुणवत्ता के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के साथ रसोईघर की व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया। स्कूल में पेयजल के लिए चापाकल की व्यवस्था मिली।
खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी किरण हेमब्रम ने सभी मिड डे मील केंद्रों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भोजन बनाने में केवल गुणवत्तापूर्ण और वैध खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाए।
इसके साथ ही निर्धारित मेनू और मात्रा के अनुसार बच्चों को भोजन देने, रसोईघर को साफ रखने तथा सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण टीम में खाद्य सुरक्षा कार्यालय के विवेक तिवारी और संतोष कुमार भी शामिल रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिड डे मील की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा की निगरानी के लिए यह जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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