Last updated: September 5th, 2026 at 12:26 pm

गाजियाबाद से जुड़े जासूसी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ लखनऊ की विशेष NIA अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों पर देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के खिलाफ साजिश रचने तथा संवेदनशील प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारी दुश्मन देश से संबंधित लोगों या संस्थाओं तक पहुंचाने के आरोप हैं।
संवेदनशील इलाकों में लगाए गए थे स्पाई कैमरे
NIA की जांच के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर कुछ संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों में अवैध रूप से प्रवेश किया। वहां स्पाई कैमरे लगाए गए, जिनकी मदद से तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए गए।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इन तस्वीरों और वीडियो को लोकेशन संबंधी जानकारी यानी जियो-टैग के साथ विदेश में मौजूद दुश्मन देश से जुड़े लोगों या संस्थाओं तक भेजा गया। इसके अलावा, जांच में भारतीय सिम कार्ड हासिल करने और कथित अवैध गतिविधियों के लिए उनके इस्तेमाल में मदद करने की बात भी सामने आई है।
इन आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
NIA की ओर से जिन 13 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, रितिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शेन इरम उर्फ महक समेत एक अन्य आरोपी शामिल है।
मामले में पांच नाबालिगों की जांच रिपोर्ट पहले ही 18 मई 2026 को गाजियाबाद के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश की जा चुकी है।
मार्च में दर्ज हुआ था मामला
यह केस सबसे पहले 14 मार्च 2026 को गाजियाबाद के कौशांबी थाने में दर्ज किया गया था। शुरुआती एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) और 152 के साथ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 और 5 के तहत आरोप लगाए गए थे।
जांच आगे बढ़ने के बाद मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 18 भी जोड़ी गई।
बाकी संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी
NIA के मुताबिक, कथित गतिविधियां देश की सुरक्षा, संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती थीं। एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों तथा संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में अदालत के समक्ष आरोपों और जांच से जुड़े तथ्यों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।
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