Human Live Media

HomeNewsFarooq Abdullah के बयान पर Ghulam Nabi Azad का पलटवार, बोले- पाकिस्तान भारत और कश्मीर का दुश्मन

Farooq Abdullah के बयान पर Ghulam Nabi Azad का पलटवार, बोले- पाकिस्तान भारत और कश्मीर का दुश्मन

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान पर राजनीतिक
images – 2026-10-25T164516.298

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान पर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। अब डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने उनके बयान पर आपत्ति जताई है। आजाद ने कहा कि पाकिस्तान भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों का दुश्मन है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हुए विकास का श्रेय अलग-अलग केंद्र सरकारों के प्रयासों को दिया।

Table of Contents

    गुलाम नबी आजाद ने कहा कि वह फारूक अब्दुल्ला का सम्मान करते हैं, लेकिन पाकिस्तान की भूमिका को लेकर उनका बयान गलत है। उनके मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में 1947 के बाद से जो विकास हुआ है, उसमें केंद्र सरकारों की अहम भूमिका रही है।

    ‘पाकिस्तान भारत और जम्मू-कश्मीर का दुश्मन’

    गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों का कोई दुश्मन है, तो वह पाकिस्तान है। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के हालात का जिक्र करते हुए वहां के लोगों की स्थिति पर सवाल उठाए।

    आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विकास में किसी एक सरकार का योगदान नहीं रहा है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का उल्लेख किया।

    उनका कहना था कि अलग-अलग समय पर केंद्र में रही सरकारों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास के संदर्भ में उनकी बात किसी एक राजनीतिक दल या सरकार तक सीमित नहीं है।

    फारूक अब्दुल्ला ने क्या कहा था?

    दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पाकिस्तान और कश्मीर मुद्दे को लेकर बयान दिया था।

    रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल्ला ने कहा था कि पाकिस्तान दुनिया भर में कश्मीर के मुद्दे को उठाता है और यह कहता है कि इस पर अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनके अनुसार, पाकिस्तान के इस रुख से कश्मीर का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में बना रहता है और दिल्ली पर दबाव पड़ता है।

    उनके बयान को इस रूप में देखा गया कि पाकिस्तान की ओर से कश्मीर मुद्दा उठाए जाने के कारण भारत सरकार जम्मू-कश्मीर के लिए कदम उठाती है। इसी टिप्पणी को लेकर अब राजनीतिक नेताओं की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी जताई आपत्ति

    फारूक अब्दुल्ला के बयान पर कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी आपत्ति जताई है। बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन ने कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार वहां के लोगों के लिए काम कर रही है।

    वहीं, लखनऊ में मौलाना राशिद फिरंगी महली ने भी अब्दुल्ला के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

    यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना ने भी साधा निशाना

    उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने भी फारूक अब्दुल्ला पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर को दोयम दर्जे पर रखा गया था, जबकि मौजूदा केंद्र सरकार के कार्यकाल में वहां के नागरिक देश की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

    इस तरह पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के विकास को लेकर फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। गुलाम नबी आजाद समेत कई नेताओं ने उनके बयान पर सवाल उठाए हैं, जबकि इस पूरे विवाद के केंद्र में पाकिस्तान की भूमिका और जम्मू-कश्मीर के विकास को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण हैं।

    Loading

    Comments are off for this post.