Human Live Media

HomeBlogगोरखपुर सोनौली मार्ग पर फिर मातम: जीरो पाइंट बना जानलेवा मोड़

गोरखपुर सोनौली मार्ग पर फिर मातम: जीरो पाइंट बना जानलेवा मोड़

गोरखपुर के जंगल कौड़िया स्थित जीरो पाइंट एक बार फिर खून से लाल हो गया। रविवार की सुबह हुए भीषण
IMG_8121

गोरखपुर के जंगल कौड़िया स्थित जीरो पाइंट एक बार फिर खून से लाल हो गया। रविवार की सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और लगातार अनदेखी का दर्दनाक नतीजा है।

Table of Contents

    सुबह की शुरुआत जो मातम में बदल गई

    रविवार की सुबह जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों के लिए निकल रहे थे, उसी वक्त गोरखपुर सोनौली मार्ग पर जीरो पाइंट के पास एक भयावह हादसा हो गया। सड़क किनारे मोरंग बालू से लदा एक ट्रालर खड़ा था और उसके पास से दूसरा ट्रालर गुजर रहा था। तभी कालेसर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा एक खाली ट्रालर सामने से आ रहे ऑटो से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो दोनों ट्रालरों के बीच फंसकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    मौके पर ही बुझ गईं दो जिंदगियां

    इस हादसे में कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के नुरुद्दीनचक निवासी 18 वर्षीय प्रतिमा और पीपीगंज थाना क्षेत्र के तुर्कवलिया निवासी 35 वर्षीय श्रीकांत की मौके पर ही मौत हो गई। प्रतिमा की उम्र महज 18 साल थी, सपने अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुए थे। वहीं श्रीकांत अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए जिंदगी की दौड़ में आगे बढ़ रहे थे। पल भर में सब कुछ खत्म हो गया।

    राहत और बचाव में दिखी जद्दोजहद

    सूचना मिलते ही पीपीगंज और चिलुआताल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दो क्रेन और एक बैकहो लोडर की मदद से कटर मशीन चलाई गई। काफी मशक्कत के बाद ऑटो को ट्रालरों के बीच से निकाला गया। घायलों और ट्रालर चालक को तुरंत अस्पताल भेजा गया। इस दौरान क्षतिग्रस्त वाहन हटाते समय एक क्रेन पलट गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा तफरी मच गई, हालांकि स्थिति जल्द संभाल ली गई।

    घंटों ठप रहा यातायात

    हादसे के बाद गोरखपुर सोनौली मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद रास्ता साफ कराया।

    जीरो पाइंट क्यों बनता जा रहा है मौत का अड्डा

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जीरो पाइंट पर हादसे कोई नई बात नहीं हैं। रात के समय मोरंग बालू लदे ट्रालर यहीं खड़े होकर बालू बढ़ाते हैं। गोल चक्कर के आसपास ठेले गुमटी वालों का अतिक्रमण भी बड़ी समस्या है। अंधेरे, अव्यवस्था और तेज रफ्तार वाहन मिलकर इस जगह को जानलेवा बना देते हैं।

    सवाल जो अब भी अनसुने हैं

    हर हादसे के बाद कुछ दिन चर्चा होती है, फिर सब शांत हो जाता है। लेकिन सवाल वही है कि आखिर कब तक लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे। क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। जीरो पाइंट को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाना अब बेहद जरूरी हो गया है।

    Loading

    Comments are off for this post.