Last updated: August 26th, 2025 at 01:49 am

नौहट्टा/रोहतास: कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिन जीवन जीने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव यहां सबसे बड़ी समस्या है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तत्काल इलाज के लिए घाटी से नीचे उतरना पड़ता है। समय पर समुचित व्यवस्था नहीं मिलने से कई बार मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।
इन्हीं समस्याओं को लेकर रविवार को प्रखंड क्षेत्र के कैमूर पहाड़ी पर स्थित बरकट्टा गांव में जनसुराज द्वारा बिहार बदलाव सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि अगर बिहार में जनसुराज की सरकार बनी तो पहाड़ी गांवों की तस्वीर बदली जाएगी। यहां के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सभा की अध्यक्षता सुनील रजक ने की जबकि संचालन नीरज मिश्र ने किया। वक्ताओं ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी पहाड़ी इलाके उपेक्षित हैं। यहां के बच्चों को पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने से बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
जनसुराज नेताओं ने कहा कि सरकार बनने पर पहाड़ी गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही गांवों तक पक्की सड़क पहुंचाने का काम तेजी से होगा। शिक्षा के लिए स्कूलों का निर्माण और अध्यापकों की नियमित नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।
सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और जनसुराज की नीतियों का समर्थन किया। ग्रामीणों ने कहा कि वे बदलाव चाहते हैं और जनसुराज ही उन्हें राहत दिला सकता है। पहाड़ी गांवों की समस्याओं का समाधान तभी होगा जब राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत होगी।
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