Last updated: August 27th, 2026 at 11:26 am

नई दिल्ली: IIT दिल्ली में 31 वर्षीय एमएससी फिजिक्स छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मामला दर्ज किया है। इस घटना के बाद छात्रों के विरोध प्रदर्शन तेज हो गए, जिसके बीच संस्थान ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक नई बाहरी जांच समिति का गठन किया है।
पुलिस के अनुसार, छात्र की 22 अगस्त को परिसर के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की ऊपरी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। हालांकि, पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसके डिजिटल रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। साथ ही संस्थान से छात्र की काउंसलिंग से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं।
घटना के बाद IIT दिल्ली के छात्रों ने कैंपस में लगातार प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग है कि मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच हो तथा यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक या अन्य लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। विरोध के दौरान छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की भी मांग उठाई।
बढ़ते विरोध के बीच IIT दिल्ली प्रशासन ने पहले गठित जांच समिति में बदलाव करते हुए नई बाहरी समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता दिल्ली हाईकोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस मुक्ता गुप्ता करेंगी। समिति में AIIMS के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख, छात्र प्रतिनिधि और संस्थान के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। समिति को निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट सौंपने का दायित्व दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि क्या किसी व्यक्ति की भूमिका छात्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने या घटना तक पहुंचाने में रही थी। फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया गया है।
जांच एजेंसियां छात्र के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, काउंसलिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही हैं। इसके अलावा छात्र के मित्रों, शिक्षकों और संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके।
इस घटना ने IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं और शिकायत निवारण व्यवस्था पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। छात्र संगठनों का कहना है कि केवल जांच ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए भी ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
संस्थान ने कहा है कि वह जांच में पूरी तरह सहयोग करेगा और समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा। साथ ही छात्र समुदाय से शांति बनाए रखने और जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की गई है।
पुलिस और जांच समिति दोनों अपनी-अपनी जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों से ही यह स्पष्ट होगा कि छात्र की मौत के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई और क्या किसी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी बनती है।
IIT दिल्ली छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद संस्थान ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता में नई बाहरी जांच समिति गठित की है। अब पुलिस और समिति दोनों अलग-अलग स्तर पर मामले की जांच कर रही हैं।
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