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घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट: उड़ानों और यातायात पर पड़ सकता है असर

कोहरा और मौसम अलर्ट: घने कोहरे से उड़ानों और यातायात पर असर मौसम विभाग यानी IMD ने उत्तर भारत के
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कोहरा और मौसम अलर्ट: घने कोहरे से उड़ानों और यातायात पर असर

मौसम विभाग यानी IMD ने उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए घने कोहरे और कम दृश्यता को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य से ज्यादा गंभीर हो सकती है और इसका असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है। खासतौर पर सुबह और देर रात के समय कोहरा ज्यादा घना रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, कई इलाकों में दृश्यता बहुत कम हो सकती है। कुछ जगहों पर यह 50 मीटर से भी नीचे जा सकती है। जब इतनी कम दूरी तक ही साफ दिखाई देता है, तो सड़क, रेल और हवाई यातायात सभी प्रभावित होते हैं। ड्राइवरों और यात्रियों को ऐसे हालात में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर हवाई यात्राओं पर पड़ता है। सुबह की फ्लाइट्स में देरी होना या रद्द होना आम बात हो जाती है। कई बार विमानों को उड़ान भरने या उतरने में परेशानी होती है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। एयरपोर्ट प्रशासन यात्रियों को समय से पहले पहुंचने और उड़ान की स्थिति की जानकारी लेते रहने की सलाह देता है।

सड़क यातायात भी कोहरे से बुरी तरह प्रभावित होता है। हाईवे और शहर की सड़कों पर वाहन चालकों को आगे का रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर तेज रफ्तार वाहन, बसें और ट्रक कोहरे में ज्यादा जोखिम में रहते हैं। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धीमी गति से वाहन चलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

रेल यातायात पर भी कोहरे का असर देखने को मिलता है। कई ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी जाती है और कुछ ट्रेनें अपने तय समय से देरी से पहुंचती हैं। इससे यात्रियों को असुविधा होती है, लेकिन यह कदम सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया जाता है।

मौसम विभाग का कहना है कि कोहरे के साथ-साथ ठंड और नमी भी बढ़ सकती है। इससे ठंड ज्यादा महसूस होगी और बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को परेशानी हो सकती है। सर्दी, खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी दिक्कतें बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में गर्म कपड़े पहनना और ठंडी हवा से बचना जरूरी है।

ऑरेंज अलर्ट का उद्देश्य लोगों को समय रहते सतर्क करना है। इसका मतलब यह नहीं कि घबराने की जरूरत है, बल्कि सावधानी बरतकर नुकसान से बचा जा सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की चेतावनियां भी जारी की जा सकती हैं।

आम लोगों को सलाह दी गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर सुबह जल्दी और देर रात। अगर यात्रा जरूरी हो, तो पूरी तैयारी के साथ निकलें। वाहन चालकों को फॉग लाइट का सही इस्तेमाल करना चाहिए और अचानक ब्रेक लगाने से बचना चाहिए।

कुल मिलाकर, घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट एक गंभीर चेतावनी है। थोड़ी समझदारी और सावधानी अपनाकर लोग खुद को और दूसरों को सुरक्षित रख सकते हैं।

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