Last updated: November 2nd, 2026 at 01:48 pm

अभिनेता इमरान खान के खिलाफ मुंबई पुलिस की ओर से जारी ‘लीव इंडिया नोटिस’ को चुनौती देने वाली याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने अभिनेता के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर कड़ी टिप्पणी की और उनसे बिना शर्त माफी मांगने को कहा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वह ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें भविष्य में इस तरह के प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन देना होगा।
दरअसल, मुंबई पुलिस ने इमरान खान को लीव इंडिया नोटिस जारी करते हुए 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया था। अभिनेता ने इस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पिछली सुनवाई में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि 2 नवंबर तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
कोर्ट ने इमरान से पूछे नागरिकता को लेकर सवाल
मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान इमरान खान के खिलाफ दर्ज एफआईआर की स्थिति पर जानकारी मांगी। अभिनेता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड पेश हुए, जबकि महाराष्ट्र सरकार का पक्ष सरकारी वकील अंजलि हेलेकर ने रखा।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इमरान से कहा कि वह भारतीय नागरिक नहीं हैं और SIR से प्रभावित भी नहीं होंगे। ऐसे में उन्हें इस तरह के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने उनके व्यवहार को उकसाने वाला बताते हुए बिना शर्त माफी मांगने की बात कही।
‘भारत में बचपन से रह रहे हैं तो नागरिकता के लिए आवेदन क्यों नहीं किया?’
अदालत ने इमरान खान के भारत में लंबे समय से रहने का जिक्र करते हुए सवाल किया कि जब उन्होंने यहीं पढ़ाई की, काम किया और अपनी पहचान बनाई, तो उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन क्यों नहीं किया?
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि अभिनेता OCI कार्डधारक के रूप में ही रहना चाहते हैं, तो उन्हें लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी कि भविष्य में ऐसे किसी प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे। अदालत ने सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारी से व्यवहार करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
इमरान के वकील ने दिया लिखित आश्वासन
सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील ने अपने मुवक्किल की ओर से अदालत को आश्वासन दिया कि वह भविष्य में इस तरह के किसी भी प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे और न ही किसी अन्य व्यक्ति को इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
हालांकि, अदालत ने कहा कि केवल अंडरटेकिंग पर्याप्त नहीं होगी। इसके साथ बिना शर्त माफी भी देनी होगी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह का व्यवहार लोगों को उकसाने जैसा है और एक सेलिब्रिटी से अधिक जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है।
सरकार को भी कोर्ट की अहम नसीहत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि इमरान खान लंबे समय से भारत में रह रहे हैं और देश ने उन्हें काम करने तथा अपनी पहचान बनाने का अवसर दिया है। अदालत के मुताबिक, किसी व्यक्ति का पक्ष सुने बिना उसके खिलाफ इस तरह का आदेश पारित करना उचित नहीं है।
कोर्ट ने सरकार से इस मामले में उदारता दिखाने की बात कही। अदालत ने कहा कि इमरान को इतने वर्षों तक भारत में रहने और काम करने का अवसर मिला है, इसलिए सरकार को भी बड़ा दिल दिखाना चाहिए।
फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। अब आगे की सुनवाई में अभिनेता की ओर से दी जाने वाली अंडरटेकिंग और बिना शर्त माफी पर अदालत का रुख अहम रहेगा।
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