Human Live Media

HomeStateBiharकोचस में फाइलेरिया उन्मूलन की पहल : रात में घर-घर जाकर लिया जा रहा खून का सैंपल, मरीजों को तुरंत मिलेगा इलाज

कोचस में फाइलेरिया उन्मूलन की पहल : रात में घर-घर जाकर लिया जा रहा खून का सैंपल, मरीजों को तुरंत मिलेगा इलाज

Rohtas/kochas:स्वास्थ्य विभाग ने फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए कोचस प्रखंड में विशेष अभियान की
IMG-20250821-WA0020

Rohtas/kochas:स्वास्थ्य विभाग ने फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए कोचस प्रखंड में विशेष अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत नरवर पंचायत में नाइट ब्लड सर्वे का आयोजन किया गया। यह अभियान 20 अगस्त से शुरू होकर 22 अगस्त तक चलेगा। सर्वे में स्वास्थ्यकर्मियों की टीम गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर रात में ग्रामीणों से खून का सैंपल ले रही है। बुधवार की रात ही लगभग 80 से 100 लोगों का खून लिया गया, जिसकी जांच की जा रही है।

Table of Contents

    क्यों लिया जाता है खून का सैंपल रात में?

    अभियान की निगरानी कर रहे चिकित्सा प्रभारी सह चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार ने बताया कि फाइलेरिया का संक्रमण परजीवी की वजह से फैलता है और यह परजीवी रात के समय अधिक सक्रिय रहते हैं। इसलिए खून का सैंपल रात में ही लिया जाता है ताकि बीमारी का सटीक पता लगाया जा सके।

    रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मिलेगा तुरंत इलाज

    डॉ. तुषार कुमार ने कहा कि जिन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उन्हें तुरंत दवा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पूरे गांव में फाइलेरिया की रोकथाम के लिए दवा भी वितरित की जाएगी। यह दवा पूरी तरह निःशुल्क होगी, ताकि किसी भी ग्रामीण पर आर्थिक बोझ न पड़े।

    ग्रामीणों का सहयोग और प्रतिक्रिया

    नरवर पंचायत के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का स्वागत किया। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के सर्वे और दवा वितरण से गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी और लोग गंभीर बीमारियों से बच पाएंगे। ग्रामीणों ने टीम को पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

    जागरूकता अभियान भी होगा शुरू

    स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि नरवर पंचायत के अन्य वार्डों में भी यह सर्वे जारी रहेगा। इसके बाद बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोग बीमारी के लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी हासिल कर सकें। अभियान के दौरान घर-घर दवा का वितरण भी किया जाएगा, जिससे फाइलेरिया संक्रमण की रोकथाम हो सके।

    बीमारी से बचाव का लक्ष्य

    फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है, जिससे पीड़ित व्यक्ति लंबे समय तक कष्ट झेलता है और कई मामलों में शरीर विकलांग भी हो जाता है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि गांव का कोई भी परिवार इस बीमारी की चपेट में न आए। यही कारण है कि समय-समय पर नाइट ब्लड सर्वे, दवा वितरण और जनजागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।

    पूरे प्रखंड के लिए लाभकारी पहल

    यह पहल केवल नरवर पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि कोचस प्रखंड और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा। अब फाइलेरिया जैसी बीमारी के इलाज के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास है कि हर मरीज को समय पर इलाज और दवा मिले तथा बीमारी का पूर्ण उन्मूलन किया जा सके।

    Loading

    No Comments