Last updated: September 21st, 2026 at 06:20 pm

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरद सत्र की शुरुआत के साथ ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि करीब दो साल के कार्यकाल में सरकार लोगों से किए गए वादे पूरे करने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही है।
सत्र के पहले दिन पत्रकारों से बातचीत में शर्मा ने कहा कि लोगों को सरकार से काफी उम्मीदें थीं, खासकर उन लोगों को जो लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार अधिकारों की कमी का हवाला दे रही है।
बिजली-पानी से लेकर भ्रष्टाचार तक के मुद्दे उठाए
सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि कई इलाकों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं होने के बावजूद बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने पानी की समस्या का भी जिक्र किया और सरकार पर प्रशासन के विभिन्न मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया।
उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। शर्मा का दावा है कि मंत्रियों और अधिकारियों के स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि, ये आरोप विपक्ष के नेता की ओर से लगाए गए हैं।
बेरोजगारी और कर्मचारियों के मुद्दे पर BJP करेगी सरकार को घेरने की तैयारी
शर्मा ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान BJP दिहाड़ी मजदूरों, NHM कर्मचारियों, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दे उठाएगी। इसके अलावा नौकरी के उम्मीदवारों के लिए उम्र सीमा में छूट की मांग भी सदन में रखी जाएगी।
बेरोजगारी के मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से किए गए एक लाख नौकरियों के वादे का जिक्र किया। शर्मा ने आरोप लगाया कि रोजगार के मामले में युवाओं के साथ धोखा हुआ है।
आउटसोर्सिंग और 25 हजार नियुक्तियों पर सवाल
विपक्ष के नेता ने आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े कार्यकर्ताओं और उनके रिश्तेदारों को पैसे के बदले नौकरियां दिए जाने की शिकायतें हैं। शर्मा ने कहा कि BJP को आउटसोर्सिंग से आपत्ति नहीं है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया तय मानकों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत होनी चाहिए।
उन्होंने करीब 25 हजार नौकरियों का भी मुद्दा उठाया और दावा किया कि ये पद पहले ही भरे जा चुके हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा को यह बताकर गुमराह किया कि नियुक्तियां खाली पदों पर की गई हैं।
SCOT और कोऑपरेटिव सिटिज़न के जमाकर्ताओं का मुद्दा
शर्मा ने SCOT बैंक और कोऑपरेटिवबैंक सिटिज़न बैंक से जुड़े करीब 70 हजार जमाकर्ताओं का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में जमाकर्ता अब भी अपने पैसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि पहले दो महीने के भीतर बकाया भुगतान का भरोसा दिया गया था।
राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर भी शर्मा ने सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि अगर हर समस्या के लिए जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा नहीं होना ही वजह बताया जाता है, तो मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था को समाप्त कर राज्य का दर्जा बहाल होने तक इंतजार किया जाना चाहिए।
जल जीवन मिशन की रिपोर्ट पर भी BJP की नजर
जल जीवन मिशन (JJM) की रिपोर्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर शर्मा ने कहा कि BJP पहले रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन करेगी और उसके बाद अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि JJM की कई योजनाएं निष्क्रिय पड़ी हैं और रिपोर्ट में बड़ी कमियां हैं। शर्मा ने कहा कि रिपोर्ट को विधानसभा में पेश किया जाना था और सत्र के पहले दिन इसे चर्चा का मुख्य विषय नहीं बनाया जाना चाहिए था।
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