Last updated: October 9th, 2026 at 12:07 pm

झारखंड में कांग्रेस ने 10 अक्टूबर को राज्य के सभी जिलों में ‘काला दिवस’ मनाने का ऐलान किया है। इस दौरान जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का मुद्दा उठाया जाएगा। पार्टी ने इसे चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी विरोध अभियान का हिस्सा बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिला इकाइयों को दिए निर्देश
झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के निर्देश पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत राज्य की सभी जिला कांग्रेस कमेटियां अपने-अपने मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन करेंगी।
कार्यक्रम में प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ प्रखंड एवं मंडल अध्यक्ष, पार्टी के अग्रणी संगठन, विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कांग्रेस ने सांसदों, विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।
जिला मुख्यालयों पर जुटेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता
प्रदेश नेतृत्व ने सभी जिलाध्यक्षों को कार्यक्रम की तैयारी पूरी करने और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। पार्टी चाहती है कि राज्यभर में एक साथ प्रदर्शन कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया जाए।
कांग्रेस की जिला इकाइयों को स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने और संगठन के नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संविधान और चुनावी निष्पक्षता पर होगा जोर
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता बनाए रखना जरूरी है। पार्टी चुनावी व्यवस्था में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी उठा रही है।
झारखंड कांग्रेस के मुताबिक, 10 अक्टूबर को आयोजित होने वाले ‘काला दिवस’ के जरिए कार्यकर्ता संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करेंगे। हालांकि, यह कांग्रेस का घोषित विरोध कार्यक्रम है और पार्टी की ओर से उठाए जा रहे मुद्दे उसके राजनीतिक रुख को दर्शाते हैं।
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