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HomeNews“चार बच्चों के बयान पर बढ़ी सियासी बहस, जीतन राम मांझी बोले, सोच हो व्यापक, जिम्मेदारी सरकार की”

“चार बच्चों के बयान पर बढ़ी सियासी बहस, जीतन राम मांझी बोले, सोच हो व्यापक, जिम्मेदारी सरकार की”

देश में जनसंख्या और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। बागेश्वर धाम के प्रमुख
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देश में जनसंख्या और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के हालिया बयान के बाद अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

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    मांझी ने कहा कि बच्चों के जन्म को लेकर समाज में संकीर्ण सोच नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि हर बच्चा अपनी अलग क्षमता और संभावनाओं के साथ जन्म लेता है, इसलिए यह तय नहीं किया जा सकता कि कौन आगे चलकर क्या बनेगा।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी रोजगार के अवसर बढ़ाना और समाज में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि हर परिवार अपने बच्चों का सही तरीके से पालन-पोषण कर सके। उनके मुताबिक, केवल जनसंख्या पर नियंत्रण की बात करने से ज्यादा जरूरी है कि शिक्षा और विकास पर ध्यान दिया जाए।

    मांझी ने देश की बढ़ती जनसंख्या का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आज करीब 140 करोड़ की आबादी वाला देश है, लेकिन इतिहास में कम जनसंख्या होने के बावजूद देश को ‘जगतगुरु’ कहा जाता था। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जाए।

    गौरतलब है कि इससे पहले नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हर परिवार को चार बच्चे पैदा करने की बात कही थी, जिसमें एक बच्चे को सामाजिक सेवा के लिए समर्पित करने का सुझाव भी दिया गया था। उनके इस बयान के बाद देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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