Last updated: December 12th, 2025 at 07:52 am

बिहार की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है। वजह है लालू प्रसाद यादव का हाल ही में दिया गया बयान, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी “सियासी जमीन खिसक रही है।” यह छोटा-सा बयान पूरे राजनीतिक माहौल में बड़ी चर्चा का कारण बन गया है। नेताओं, समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात पर जोरदार बहस चल रही है कि आखिर लालू यादव ने ऐसा क्यों कहा और इसका क्या मतलब हो सकता है।
लालू यादव हमेशा से बिहार की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली नेता रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में राज्य की राजनीति में कई बड़े बदलाव आए हैं। नए नेता धीरे-धीरे उभर रहे हैं, जबकि पुराने नेता अपनी जगह बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के चुनावों में भी कई दलों को अप्रत्याशित नतीजे मिले, जिससे राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं। ऐसे समय में लालू यादव का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
कई राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि लालू यादव का यह बयान एक तरह की चिंता को दर्शाता है। वे जानते हैं कि बिहार में अब राजनीतिक माहौल पहले जैसा नहीं रहा। नई पार्टियाँ, नए मुद्दे और युवा नेताओं का बढ़ता प्रभाव पुराने राजनीतिक ढांचे को चुनौती दे रहा है। RJD जैसे बड़े दलों को भी अपनी रणनीति बदलनी पड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लालू यादव शायद यह स्वीकार कर रहे हैं कि अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं और उन्हें अपनी पार्टी को नई दिशा देने की जरूरत है।
इस बयान का दूसरा पहलू भी है। कुछ लोग इसे लालू यादव की राजनीतिक चाल मानते हैं। उनका कहना है कि यह बयान सहानुभूति और समर्थन जुटाने की कोशिश हो सकती है। जब कोई बड़ा नेता खुद को कमजोर दिखाता है, तो उसके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता और ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। इससे पार्टी के अंदर एक नई ऊर्जा पैदा हो सकती है, जो आने वाले चुनावों में मददगार साबित हो सकती है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में गठबंधन की राजनीति फिर से बदलती हुई नजर आ रही है। कई बड़े दल अपने-अपने हितों को ध्यान में रखते हुए नई रणनीतियाँ बना रहे हैं। कुछ दल अपने पुराने गठबंधन तोड़कर नए साथियों की तलाश में हैं। ऐसे माहौल में लालू यादव का यह बयान राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में RJD भी कोई बड़ा निर्णय ले सकती है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि इस बयान के बाद पार्टी के अंदर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संगठन को फिर से मजबूत करने, नए नेताओं को आगे लाने और पुराने ढांचे में सुधार जैसी बातें लंबे समय से उठती रही हैं। संभव है कि इस बयान के बाद RJD इन मुद्दों पर जल्द कदम उठाए।
कुल मिलाकर, लालू यादव के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। यह देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में RJD और खुद लालू यादव क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, यह बयान राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गर्म कर चुका है और सभी की नजरें अब भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों पर टिक गई हैं।
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