Last updated: April 4th, 2026 at 01:52 pm

कौशांबी (उत्तर प्रदेश):
चायल तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शनिवार को एक अप्रत्याशित घटना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक भूमिहीन व्यक्ति गले में शिकायत पत्रों की माला पहनकर तहसील सभागार पहुंच गया और जोर-जोर से “या तो मुझे न्याय दो या मेरी जान ले लो” की गुहार लगाने लगा।
यह व्यक्ति बसुहार गांव का रहने वाला मधुकर चौरसिया है, जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और उसके पास आजीविका के लिए कोई कृषि भूमि नहीं है। उसका कहना है कि गांव में लगभग 64 बीघा ग्रामसभा की जमीन खाली पड़ी है, जिसे पात्र लोगों में बांटने का नियम है, लेकिन बार-बार मांग करने के बावजूद उसे कोई लाभ नहीं मिला।
मधुकर ने बताया कि पिछले चार वर्षों से वह समाधान दिवस और ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) के जरिए लगातार अधिकारियों से गुहार लगाता रहा, लेकिन हर बार उसकी शिकायत अनसुनी कर दी गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लेखपाल उसके खिलाफ गलत रिपोर्ट भेजते रहे हैं, जिससे उसकी समस्या और बढ़ती गई।
शनिवार को अपनी पीड़ा को जताने के लिए उसने एक अलग तरीका अपनाया। तहसील के गेट से ही गले में शिकायती पत्रों की माला पहनकर वह सभागार में घुस गया, जहां जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जनसुनवाई कर रहे थे। उसकी इस हरकत से वहां मौजूद अधिकारियों और लोगों में हलचल मच गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने तुरंत उप जिलाधिकारी अरुण कुमार को जांच के निर्देश दिए। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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