Last updated: July 4th, 2026 at 04:02 am

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार कानून का मसौदा तैयार करने के लिए जल्द ही एक विशेषज्ञ समिति का गठन करने की तैयारी में है। अधिकारियों के अनुसार, अगले दो सप्ताह के भीतर इस समिति के गठन की घोषणा की जा सकती है।
बताया जा रहा है कि प्रस्तावित समिति की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। समिति का मुख्य दायित्व यूसीसी का प्रारूप तैयार करना और उससे जुड़े कानूनी व प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन करना होगा। हालांकि, समिति की संरचना और कार्यक्षेत्र को अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है।
हाल ही में राज्य के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने विधानसभा में जानकारी दी थी कि महाराष्ट्र सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड का उद्देश्य विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति के बंटवारे जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है। इसका मकसद धर्म या समुदाय के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
सरकार का मानना है कि समान नागरिक संहिता से कानूनी व्यवस्था में एकरूपता आएगी और नागरिक अधिकारों के संरक्षण के साथ लैंगिक समानता को भी मजबूती मिलेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे कानून का मसौदा तैयार कर आवश्यक विधायी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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