Last updated: April 18th, 2026 at 12:53 pm

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को लेकर राजनीति गरमा गई है। एक ओर केंद्र सरकार इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके प्रावधानों और समय को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
महुआ मोइत्रा का केंद्र पर हमला
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित किया जा रहा है।
आंकड़ों के जरिए उठाए सवाल
महुआ मोइत्रा ने विभिन्न दलों में महिला सांसदों की हिस्सेदारी का हवाला देते हुए कहा कि सबसे ज्यादा सांसद होने के बावजूद भाजपा में महिला सांसदों का प्रतिशत कम है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आरक्षण की बात की जा रही है, तो वर्तमान प्रतिनिधित्व में सुधार क्यों नहीं किया जा रहा।
विपक्ष का विरोध और सरकार का पक्ष
विपक्ष का आरोप है कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर सरकार राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। वहीं सरकार का कहना है कि यह बिल महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से लाया गया है।
विधेयक पारित न होने पर बढ़ी बहस
संविधान संशोधन से जुड़े इस विधेयक को पास करने के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। मतदान के दौरान पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
आगे की रणनीति पर नजर
विधेयक पारित न होने के बाद अन्य संबंधित प्रस्तावों पर भी मतदान टाल दिया गया है। ऐसे में आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने के संकेत हैं।
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