Last updated: October 11th, 2025 at 02:14 am

रोहतास (नासरीगंज) :
रोहतास जिले के नासरीगंज रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन के औचक निरीक्षण में अस्पताल की कई अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान कई डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से गायब पाए गए, जिसके बाद सिविल सर्जन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन डॉक्टरों और छह कर्मियों के वेतन की निकासी पर रोक लगा दी है तथा सभी से लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।
रोस्टर ड्यूटी में लापरवाही, मरीज बेहाल
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल में निर्धारित रोस्टर का पालन नहीं हो रहा था। बुधवार को डॉ. मोसरत जहां की ड्यूटी निर्धारित थी, लेकिन उनकी जगह डॉ. अनिल दुबे मौजूद पाए गए। वहीं, आंख रोग विभाग के सहायक कर्मी और टीबी विभाग के स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। इस पर सिविल सर्जन ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को कड़ी चेतावनी दी और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गंदगी देख भड़के सिविल सर्जन
अस्पताल परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्था को देखकर सिविल सर्जन ने नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण में उपचार हर मरीज का अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने संबंधित कर्मियों को सफाई व्यवस्था सुधारने और मरीजों के हित में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने कहा कि मरीजों की सेवा में लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सेवा देना है। अनुपस्थित या लापरवाह कर्मियों पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य योजनाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, टीकाकरण अभियान को गति देने और विभागीय लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाना प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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