Last updated: August 17th, 2026 at 05:01 pm

पटना: भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी पर राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ प्रशांत किशोर की राजनीतिक बयानबाजी पर भी प्रतिक्रिया दी।
वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस पर हमला
मनोज तिवारी ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के शासनकाल में ‘वंदे मातरम’ के मूल स्वरूप को लेकर समझौते किए गए। उन्होंने कहा कि यह गीत देश की राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक है।
तिवारी ने मौजूदा केंद्र सरकार के रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम’ को उसके पूरे स्वरूप और सम्मान के साथ प्रस्तुत किए जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस के कथित विरोध को लेकर सवाल उठाए और कहा कि इस विषय को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
प्रशांत किशोर की राजनीतिक शैली पर भी टिप्पणी
मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर की हालिया राजनीतिक गतिविधियों और बयानों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव में सफलता हासिल करने के बाद राजनीतिक नेताओं से संयम और विनम्रता की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उन्हें प्रशांत किशोर की भाषा और तेवर पर आपत्ति है। उन्होंने प्रशांत किशोर को चुनावी सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
बोले- राजनीतिक अनुभव और जनसमर्थन भी मायने रखता है
मनोज तिवारी ने अपने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वह लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर की ओर से की गई टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल एक चुनावी सफलता के आधार पर किसी नेता को दूसरे नेताओं के बारे में इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत हमलों के बजाय नीतियों और मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उनके बयान के बाद ‘वंदे मातरम’ और प्रशांत किशोर को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं।
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