Last updated: October 21st, 2026 at 10:18 am

भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान समेत दुनिया के किसी भी देश के साथ अमेरिका के रिश्ते भारत के साथ उसके संबंधों की कीमत पर नहीं होंगे। रुबियो का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संपर्कों को लेकर भारत की चिंताएं चर्चा में हैं।
भारत दौरे पर आए मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत की। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका की पाकिस्तान नीति और भारत के साथ रिश्तों को लेकर अपना पक्ष रखा।
पाकिस्तान से बढ़ते संबंधों पर क्या बोले रुबियो?
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संपर्कों तथा पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ ट्रंप प्रशासन के संबंधों पर सवाल पूछे जाने पर रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन भारत के साथ अपने रिश्तों को किसी तीसरे देश के साथ संबंधों के नजरिए से नहीं देखता।
उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश के साथ अमेरिका के संबंध भारत के साथ उसके रिश्तों को प्रभावित करने के लिए नहीं हैं। रुबियो ने भारत के साथ व्यापार समझौते की दिशा में जारी प्रयासों, दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग को भी इस प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया।
रुबियो के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों का इस्तेमाल सकारात्मक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन इस्लामाबाद के साथ अपने संपर्कों के जरिए ऐसी गतिविधियों को रोकने में मदद कर सकता है, जिनसे भारत की चिंताएं बढ़ती हैं या क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
निक्सन-किसिंजर दौर से आज की स्थिति अलग
इंटरव्यू में रुबियो से 1970 के दशक की अमेरिकी विदेश नीति से मौजूदा हालात की तुलना को लेकर भी सवाल किया गया। उस दौर में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हेनरी किसिंजर के समय दक्षिण एशिया में अमेरिका के पाकिस्तान के साथ करीबी संबंध थे।
इस तुलना पर रुबियो ने कहा कि उस समय और आज की वैश्विक परिस्थितियों में काफी अंतर है। उनके अनुसार, शीत युद्ध के दौर की परिस्थितियां अब वैसी नहीं हैं, इसलिए उस समय की अमेरिकी नीति को मौजूदा रणनीति से सीधे जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी नजर
मार्को रुबियो ने भारत के साथ व्यापार समझौते की दिशा में अमेरिका की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उनके बयान से संकेत मिलता है कि वाशिंगटन भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
हालांकि, पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंधों और भारत की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाए रखना दोनों देशों की कूटनीति के लिए अहम बना रहेगा। रुबियो के बयान में एक तरफ भारत के साथ संबंधों को लेकर आश्वासन दिया गया, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के साथ संवाद बनाए रखने को अमेरिकी हितों और क्षेत्रीय तनाव कम करने के प्रयासों से जोड़ा गया।
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