Human Live Media

HomeStateBiharपरिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की बैठक, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारी तेज

परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की बैठक, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारी तेज

कोचस (रोहतास)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोचस में मंगलवार को परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की
IMG-20250909-WA0021

कोचस (रोहतास)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोचस में मंगलवार को परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. तुषार कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने आशा को सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि इन योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

Table of Contents

    डॉ. तुषार ने कहा कि परिवार नियोजन पखवाड़ा मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में छोटे परिवार-खुशहाल परिवार का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में दंपतियों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में जानकारी दें और उन्हें इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। इससे जहां मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी, वहीं महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

    उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे परिवार नियोजन कार्यक्रम का मकसद हर घर तक योजना का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए आशा कार्यकर्ता महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रत्येक आशा को चाहिए कि वे गर्भनिरोधक साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और जिन दंपतियों को स्थायी समाधान की आवश्यकता है, उन्हें नसबंदी शिविरों तक लेकर आएं।

    बैठक में आगामी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारी को लेकर भी चर्चा हुई। चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई-लिखाई दोनों पर असर डालता है। इसे रोकने के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। आगामी कृमि मुक्ति दिवस पर सभी 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमि की दवा खिलाई जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने क्षेत्र के हर घर में जाकर बच्चों को दवा खिलाने के लिए प्रेरित करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा वंचित न रह जाए।

    इस मौके पर हेल्थ मैनेजर मोतिउर रहमान ने भी आशा कार्यकर्ताओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक बैठे व्यक्ति को मिले। आशा कार्यकर्ता गांव-गांव में घर-घर जाकर स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचा रही हैं।

    Loading

    No Comments