
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से सामने आई यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा, भरोसे और महिलाओं की आज़ादी पर सीधा हमला है। जिस जगह को लोग सेहत, आत्मविश्वास और फिटनेस से जोड़ते हैं, उसी जिम की चारदीवारी के भीतर एक संगठित अपराध चुपचाप पनप रहा था। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ है।
जिम में दोस्ती, फिर प्यार का जाल
देहात कोतवाली थाना क्षेत्र की दो हिंदू युवतियों ने पुलिस को जो बताया, वह बेहद चौंकाने वाला है। पीड़िताओं के मुताबिक, जिम ट्रेनर शेख अली आलम और उसके साथियों ने वर्कआउट के दौरान पहले दोस्ती की, फिर धीरे-धीरे प्रेम का नाटक रचा। भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने निजी पलों के नाम पर अश्लील तस्वीरें और वीडियो बना लिए।
ब्लैकमेलिंग और पैसों की वसूली
यहीं से असली खेल शुरू हुआ। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लड़कियों से पैसे मांगे गए। पीड़िताओं का आरोप है कि उनके नाम पर जबरन लोन तक लिया गया। डर, बदनामी और सामाजिक दबाव के बीच वे पूरी तरह टूट चुकी थीं।
जबर्दस्ती बदला गया धर्म
मामला यहीं नहीं रुका। पीड़िताओं के अनुसार, उन्हें मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव डाला गया। बुर्का पहनने, दिन में पांच वक्त नमाज पढ़ने और दरगाह ले जाने तक की बातें सामने आई हैं। आरोप है कि कलमा पढ़वाकर उनका जबरन धर्मांतरण कराया गया। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
शिकायत मिलते ही मिर्जापुर पुलिस हरकत में आई। देहात कोतवाली पुलिस ने शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर और सादाब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह था, जो कई जिमों के जरिए काम कर रहा था। पुलिस ने KGN जिम, बी फिट जिम समेत कुल 5 जिमों को सीज कर दिया।
मुठभेड़ में पकड़ा गया मुख्य आरोपी फरीद
इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड आयरन फायर जिम का मालिक और ट्रेनर फरीद था। पुलिस ने उसे बरकछा के खड़ंजाफाल जंगल में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, फरीद ने भागते समय फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौके से तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए।
अधिकारियों और नेताओं की प्रतिक्रिया
अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार मिश्रा ने साफ कहा कि जिम की आड़ में हिंदू लड़कियों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा था। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं और जल्द और गिरफ्तारियां होंगी। वहीं बीजेपी विधायक रत्नाकर मिश्रा ने कहा कि योगी सरकार में ऐसे अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है। अवैध धर्मांतरण और जिम के नाम पर चल रहे इस तरह के नेटवर्क को सख्ती से कुचला जाएगा।
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला सिर्फ मिर्जापुर तक सीमित नहीं है। यह चेतावनी है कि भरोसे की जगहों पर भी सतर्कता जरूरी है। युवतियों की सुरक्षा, प्रशासन की जिम्मेदारी और समाज की जागरूकता तीनों की कसौटी पर यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है।
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