Last updated: January 5th, 2026 at 12:30 pm

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इसे औपचारिक मुलाकात कहा गया, लेकिन इसकी तस्वीरों और प्रतीकों ने इसे खास बना दिया। बातचीत के मुद्दे सार्वजनिक नहीं हुए, मगर इस भेंट में जो दृश्य सामने आए, उन्होंने राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों स्तरों पर संदेश दे दिया।
तस्वीर जिसने सबका ध्यान खींचा
इस मुलाकात की सबसे चर्चा में रही तस्वीर वह है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री मोदी को अयोध्या के भव्य राम मंदिर की एक सुंदर प्रतिकृति भेंट करते नजर आ रहे हैं। यह कोई साधारण स्मृति-चिह्न नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला परंपरा का जीवंत उदाहरण है।
यह राम मंदिर मॉडल शुद्ध चांदी से तैयार किया गया है और उस पर गुलाबी मीनाकारी की बेहद बारीक और आकर्षक कारीगरी की गई है। यह खास कला काशी की पहचान मानी जाती है। इस प्रतिकृति को वाराणसी के प्रसिद्ध कलाकार कुंज बिहारी ने तैयार किया है, जिन्होंने परंपरा और आधुनिक सौंदर्य का बेहतरीन संतुलन दिखाया है।
काशी की कला, अयोध्या का भाव
प्रधानमंत्री मोदी को, जो स्वयं वाराणसी से सांसद हैं, काशी की कला में सजा अयोध्या का प्रतीक भेंट किया जाना अपने आप में एक गहरा संदेश देता है। यह उपहार उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक एकता, आस्था और शिल्प कौशल को एक सूत्र में पिरोता नजर आता है। काशी की कला और अयोध्या की भावना का यह संगम प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता है।
सीएम योगी का संदेश: विकास यात्रा को नई ऊर्जा
मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा को निरंतर नई गति और ऊर्जा देता है। यह संदेश सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच तालमेल को भी रेखांकित करता है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उसी दिन लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने भी प्रधानमंत्री से भेंट की, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र मोदी–योगी मुलाकात ही रही। इसे केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच मजबूत समन्वय और साझा दृष्टि के रूप में देखा जा रहा है।
आत्मीयता और विश्वास की झलक
तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच सहजता और आत्मीयता साफ दिखाई दी। यह भेंट केवल एक औपचारिक बैठक नहीं लगी, बल्कि नेतृत्व, विश्वास और साझा विकास दृष्टिकोण का प्रतीक बनकर सामने आई। काशी की कला में सजा राम मंदिर मॉडल इस पूरी मुलाकात की भावना को चुपचाप बयान कर गया।
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