Last updated: April 12th, 2026 at 02:03 pm

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है, जहां विधानसभा चुनाव 2026 से पहले नंदीग्राम मामला चर्चा के केंद्र में आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी एनआइए (NIA) ने हिंसा से जुड़े एक मामले में टीएमसी के 43 नेताओं और कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम क्षेत्र में लैंड बैंक को लेकर हुई हिंसा के संबंध में की गई है। जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, उनमें स्थानीय स्तर के कई प्रभावशाली नेता शामिल हैं, जैसे नंदीग्राम-1 ब्लॉक के कोर कमेटी सदस्य बाप्पादित्य गर्ग और शमसुल इस्लाम, साथ ही पंचायत प्रतिनिधि और बूथ स्तर के कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
NIA ने सभी को 17 अप्रैल को कोलकाता स्थित अपने दफ्तर में पेश होने के लिए कहा है। जानकारी यह भी सामने आई है कि कई नेताओं के घर जाकर व्यक्तिगत रूप से नोटिस दिए गए हैं, जिससे इलाके में राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।
इस कार्रवाई के बाद टीएमसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनाव से ठीक पहले उनके सक्रिय कार्यकर्ताओं को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है, ताकि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके। तमलुक संगठनात्मक जिला के अध्यक्ष सुजीत कुमार राय ने कहा कि जिन नेताओं की चुनाव में अहम भूमिका है, उन्हीं को चुनकर नोटिस भेजे गए हैं।
नंदीग्राम सीट इस बार भी बेहद अहम मानी जा रही है। यहां मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है, जहां भाजपा की ओर से सुवेंदु अधिकारी मैदान में हैं, जबकि टीएमसी ने उनके पूर्व सहयोगी पवित्र कर को उम्मीदवार बनाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना सकती हैं, और आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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