Last updated: August 27th, 2026 at 08:30 am

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। हादसे में अब तक 160 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 700 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस मुश्किल समय में भारत ने नेपाल के लिए राहत और मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की स्थिति पर चिंता जताते हुए वहां के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने आपदा में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया और नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
बालेन शाह ने PM मोदी को कहा धन्यवाद
भारतीय मदद और समर्थन के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ एकजुटता दिखाने और सहायता की पेशकश करने के लिए वह भारत के आभारी हैं।
बालेन शाह ने भारत के इस रुख को दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और सहयोग का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भारत की ओर से मिला समर्थन दोनों देशों के संबंधों की अहमियत को दर्शाता है।
नेपाल को हर संभव सहायता देगा भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान नेपाल को हर संभव मानवीय मदद देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में नेपाल के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारतीय टीमें भी काम कर रही हैं।
भारत की ओर से राहत सामग्री भी नेपाल भेजी गई है, जिसे काठमांडू एयरपोर्ट पर पहुंचाया गया। इस सहायता का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाना और बचाव अभियान में सहयोग करना है।
अमित शाह ने भी जताया दुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नेपाल में आई बाढ़ पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत सरकार नेपाल के साथ खड़ी है।
नेपाल में लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है। ऐसे में भारत की ओर से मिली मानवीय सहायता को दोनों देशों के बीच आपदा के समय सहयोग की एक अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
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