Last updated: May 20th, 2026 at 05:51 am

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के एक बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आनंद मोहन कथित तौर पर यह कहते नजर आए कि स्वास्थ्य विभाग को लेकर जनता के बीच अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। उनके इस बयान के बाद जेडीयू नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
टिकट और मंत्री पद को लेकर लगाए आरोप
सीतामढ़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आनंद मोहन ने जेडीयू और भाजपा नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में टिकट और मंत्री पद को लेकर गलत तरीके अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की राजनीति में कुछ लोग परिवारवाद और निजी हितों को बढ़ावा दे रहे हैं। आनंद मोहन ने यह भी दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
JDU नेताओं ने किया जवाबी हमला
आनंद मोहन के बयान के बाद Janata Dal (United) के कई नेताओं ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने कहा कि आनंद मोहन जेडीयू के सदस्य नहीं हैं, इसलिए उनके आरोपों का कोई राजनीतिक महत्व नहीं है।
जेडीयू विधान पार्षद संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग खुद टिकट और पद को लेकर सवालों में रहे हैं, वही अब पार्टी पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में निर्णय संगठन और नेतृत्व की प्रक्रिया के तहत होते हैं।
बेटे को मंत्री नहीं बनाए जाने का मुद्दा?
जेडीयू नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आनंद मोहन की नाराजगी का मुख्य कारण उनके बेटे को मंत्री पद नहीं मिलना है। नेताओं ने कहा कि निजी राजनीतिक अपेक्षाओं को लेकर पार्टी नेतृत्व पर हमला करना उचित नहीं है।
बयान के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और जेडीयू के नेताओं ने आनंद मोहन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास और संगठनात्मक मजबूती पर काम कर रही है। वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद बिहार की सियासत में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
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