Last updated: March 11th, 2026 at 12:55 pm

बिहार में अंचलाधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण कई अंचलों में जमीन से जुड़े काम प्रभावित हो गए हैं। इस बीच डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा का रुख कुछ नरम पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने बुधवार को एक बार फिर हड़ताल पर गए अधिकारियों और कर्मियों से काम पर वापस लौटने की अपील की।
मीडिया से बातचीत के दौरान विजय सिन्हा ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें नई नहीं हैं, बल्कि ये समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही ये मुद्दे वर्तमान सरकार के कार्यकाल के नहीं हों, लेकिन सरकार कर्मचारियों की समस्याएं सुनने और उनका समाधान निकालने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हड़ताल खत्म कर कर्मचारी काम पर लौटते हैं तो इससे सकारात्मक माहौल बनेगा और सरकार के साथ बातचीत का रास्ता भी आसान हो जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले दो दिनों में विजय सिन्हा का रुख काफी सख्त दिखाई दे रहा था। सोमवार को उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि 24 घंटे के भीतर सीओ काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो उन्हें निलंबित किया जा सकता है। साथ ही उनकी जगह प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को प्रभार देकर नई बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मंगलवार को भी उन्होंने हड़ताल पर गए कर्मचारियों से किसी के बहकावे में न आने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कोई यह सोच रहा है कि सरकार बदल जाएगी तो यह गलतफहमी है, क्योंकि पहले भी बिहार में एनडीए की सरकार थी और आगे भी एनडीए की ही सरकार रहेगी।
दरअसल, बिहार राजस्व सेवा महासंघ के आह्वान पर अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी हड़ताल पर चले गए हैं, जिसका असर राज्य के 22 जिलों में देखने को मिल रहा है। हालांकि लगभग 30 प्रतिशत अंचलाधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए हैं। इनमें अधिकतर नए नियुक्त अधिकारी हैं, जो नियमित रूप से कार्यालय में बैठकर काम कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सात जिलों में सभी अंचलाधिकारी ड्यूटी पर हैं, जबकि नौ जिलों में हड़ताल का आंशिक असर देखा जा रहा है। जिन अंचलों में अंचलाधिकारी हड़ताल पर हैं, वहां जमीन से जुड़े कार्य जैसे म्यूटेशन, परिमार्जन, ई-मापी, एलपीसी और अभियान बसेरा जैसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
कुछ जिलों में स्थिति अलग-अलग है। मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में सभी अंचल कार्यालयों में सीओ काम कर रहे हैं, लेकिन राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे कार्य प्रभावित हैं। मधुबनी जिले में पंडौल, खजौली, राजनगर, रहिका और बेनीपट्टी को छोड़कर बाकी अंचलों के सीओ हड़ताल पर हैं।
नालंदा जिले के 20 अंचलों में से 10 में कामकाज सामान्य रूप से जारी है, जबकि बाकी अंचलों में हड़ताल का असर है। पटना जिले में बिहटा और मोकामा के अंचलाधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए हैं। इसके अलावा अररिया, किशनगंज, मुंगेर और भोजपुर के कुछ अंचलों में भी अलग-अलग स्थिति देखने को मिल रही है।
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