Last updated: March 16th, 2026 at 07:11 am

बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार को मतदान जारी है। विधानसभा के सभी 243 विधायक शाम 4 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और देर शाम तक नतीजे घोषित होने की संभावना है। इस बार पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में होने से मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। खासकर पांचवीं सीट को लेकर एनडीए और महागठबंधन के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है।
नेताओं के दावों से गर्म हुई सियासत
मतदान के दौरान दोनों पक्षों के नेताओं के बयान सामने आने लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि महागठबंधन इस चुनाव में जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा भाजपा के खिलाफ संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। कांग्रेस के दो विधायकों के लापता होने की खबरों को उन्होंने अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया।
मांझी का पलटवार
वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एनडीए की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि जिन विधायकों को एकजुट रखने के लिए होटल में ठहराया गया है, वे भी आखिरकार एनडीए के पक्ष में ही वोट करेंगे। मांझी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है। इससे साफ है कि पांचवीं सीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच रणनीति और भरोसे की लड़ाई जारी है।
वोटिंग से पहले रिटर्निंग ऑफिसर का तबादला
राज्यसभा चुनाव की वोटिंग से कुछ घंटे पहले एक प्रशासनिक फैसला भी चर्चा में रहा। बिहार विधानसभा की सचिव और चुनाव की रिटर्निंग ऑफिसर ख्याति सिंह का तबादला कर दिया गया है। उन्हें पटना हाईकोर्ट में ओएसडी के पद पर भेजा गया है। हालांकि इस फैसले के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है।
पांचवीं सीट पर सबसे कड़ा मुकाबला
एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया गया है।राजनीतिक समीकरणों के अनुसार इनमें से चार उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। जबकि पांचवीं सीट के लिए शिवेश राम और राजद उम्मीदवार ए. डी. सिंह के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
वोटों का गणित बना चुनाव का केंद्र
राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है।संख्या बल के आधार पर एनडीए के पास लगभग 202 विधायक बताए जा रहे हैं, जिससे चार सीटों पर उसकी स्थिति मजबूत मानी जा रही है। हालांकि पांचवीं सीट के लिए उसे अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ सकती है।
महागठबंधन भी बना रहा रणनीति
महागठबंधन की ओर से राजद उम्मीदवार ए. डी. सिंह मैदान में हैं। उनके समर्थन में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के करीब 35 वोट माने जा रहे हैं। अगर उन्हें अन्य दलों या निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिल जाता है तो मुकाबला और भी रोचक हो सकता है। इसी वजह से इस चुनाव में पांचवीं सीट को लेकर सियासी हलचल तेज बनी हुई है।
![]()
Comments are off for this post.