Last updated: February 12th, 2026 at 06:35 am

देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखंड’ कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की छात्राओं के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब इस पहल के तहत राज्य के प्रत्येक जनपद में पांच छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, सुद्धोवाला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 20 प्रतिभाशाली छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह पहल बेटियों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि STEM क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने की इच्छुक छात्राओं को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों से स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर तकनीकी सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक विज्ञान और नवाचार की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि अधिक से अधिक बेटियां आधुनिक तकनीक से जुड़ सकें। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने इन-मोबी, विज्ञानशाला इंटरनेशनल, यूकॉस्ट और उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सहित सभी सहयोगी संस्थाओं की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय इतिहास और आधुनिक भारत में महिलाओं के वैज्ञानिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि अवसर मिलने पर नारी शक्ति हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती है। उन्होंने कहा कि आज भारत में STEM स्नातकों में लगभग 42–43 प्रतिशत छात्राएँ हैं, जो वैश्विक स्तर पर भी उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विज्ञान और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल इंडिया अभियान, अटल टिंकरिंग लैब्स, विज्ञान ज्योति, प्रगति छात्रवृत्ति योजना और महिला वैज्ञानिक योजना जैसी पहलों से बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
राज्य स्तर पर विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू कर उत्तराखंड में सशक्त इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और प्री-इनक्यूबेशन लैब्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। देहरादून में निर्माणाधीन साइंस सिटी को भी राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शी फॉर स्टेम’ जैसी पहलें उत्तराखंड की बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की छात्राएँ विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर राज्य और देश के विकास में अहम भूमिका निभाएँगी।
![]()
Comments are off for this post.